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वेंडिंग जोन में फर्जीवाड़ा : निजी कंपनी के कर्मचारी ने पांच-पांच लाख में बेच दीं दुकानें

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माई सिटी रिपोर्टर
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पंचकूला। फर्जी अलाॅटमेंट लेटर बनाकर सेक्टर-4 में बने वेंडिंग जोन की साइटें पांच-पांच लाख रुपये में बेचने का मामला सामने आया है। इसका खुलासा विभाग की संयुक्त आयुक्त की जांच में हुआ है। संयुक्त आयुक्त सिमरनजीत कौर ने इस संदर्भ में नगर निगम आयुक्त को रिपोर्ट भेजने की तैयारी कर ली है। इसके बाद निगम आयुक्त के आदेश पर फर्जी तरीके से दुकान बेचने वाले निजी एजेंसी के कर्मचारी सहित दुकानदारों पर केस दर्ज किया जाएगा। वेंडिंग जोन चलाने वाली निजी एजेंसी को हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री सुभाष सुधा अन्य मामले में पहले ही ब्लैक लिस्ट कर चुके हैं। जानकारी के अनुसार अभी तक आठ मामलों की जानकारी मिल गई है।
दरअसल पूरे शहर में करीब आठ वेडिंग जोन बनाई गईं हैं। इसमें सेक्टर-2, 4, 8, 10, 11, 12, 15, 14 में वेंडरों को साइट अलॉट किया गया है। वेडिंग जोन अलग-अलग सेक्टरों में बनाए गए हैं। सेक्टर-4, 15, 16, 9, 2 में वेंडिंग जोन का संचालन किया जा रहा है। 22 अक्तूबर को नगर निगम को समाधान शिविर में शिकायत मिली थी कि गगन नाम का कर्मचारी ने फर्जी सर्टिफिकेट देखकर अवैध तरीके से 5-5 लाख रुपये में दुकानें बेची हैं। इसके बाद मामले की जांच संयुक्त आयुक्त सिमरनजीत कौर को दी गई। जानकारी के अनुसार शहर के आठ वेंडिंग जोन में अलॉट साइटों को मालिक नहीं चलाते हैं। यहां किराए पर साइट दी गई हैं। नौ हजार से लेकर 20 हजार रुपये तक साइट मालिक किराया वसूलते हैं।
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ऐसे हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा
अनु ने आरोप लगाया है कि गगन नाम के निजी कंपनी के कर्मचारी ने पहले नौ हजार रुपये किराए पर वेडिंग जोन में साइट दिया था। वह वहां एक साल से दुकान चला रहा था। इसके बाद गगन ने ऑफर दिया कि यह दुकान पांच लाख रुपये में बेच रहा है। इसके बाद धीरे-धीरे गगन ने पांच लाख रुपये ले लिया। उसके बाद फर्जी अलॉटमेंट लेटर उसको पकड़ा दिया। इस लेटर के आधार पर बिजली का मीटर भी लग गया। अनु ने बताया कि कुछ माह पहले नगर निगम की संयुक्त आयुक्त सिमरनजीत कौर वेंडिंग जोन की जांच के लिए आईं कि यहां दुकान के असली मालिक बैठ रहे हैं या नहीं। इससे पहले गगन ने सूचित किया कि नगर निगम के अधिकारियों को अलॉटमेंट लेटर नहीं दिखाना है। इसके बाद शक हुआ और नगर निगम की संयुक्त आयुक्त को लेटर दिखाया। इसके बाद फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
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कमिश्नर को भेजूंगी फाइल
अक्तूबर में समाधान शिविर में नगर निगम के कर्मचारी के खिलाफ पांच लाख रुपये में दुकान बेचने की शिकायत मिली थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि अन्नु नाम के एक युवक से पांच लाख रुपये लेकर गगन ने वेंडिंग साइट बेची है। इसकी जांच की गई तो कागज फर्जी मिले। अन्नु को फर्जी अलॉटमेंट लेटर दिया गया था। इसके कागजात तैयार कर लिए हैं। एफआईआर के लिए नगर निगम कमिश्नर को एक दो दिनों के भीतर फाइल भेज दूंगी। इसके अलावा असली मालिक कौन है, किसने किसको दुकान बेची है। इसकी जांच हो रही है।
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