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Panchkula News: दहशत के चार घंटे...घर में घुसा तेंदुआ

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पंचकूला में कोठियों में घूमता तेंदुआ।
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जान बचाने के लिए घर-गाड़ी में दुबके लोग, पकड़ में नहीं आया, गुर्राते हुए जंगल में भागा
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14 साल बाद पंचकूला के पॉश इलाके में तीसरी बार घुसा तेंदुआ
सेक्टर-6 में कई घरों को पार कर मकान नंबर-252 के सीढि़यों के नीचे बैठा रहा

संवाद न्यूज एजेंसी

पंचकूला। 14 साल बाद पंचकूला के रिहायशी इलाके में तीसरी बार तेंदुआ घुस आया। शनिवार दोपहर तेंदुए को देखते ही सेक्टर-6 के इलाके में दहशत और अफरा-तफरी मच गई। तेंदुआ अचानक सड़क पर दाैड़ने के बाद छतों पर छलांग लगाते हुए एक निर्माणाधीन मकान के भीतर घुस गया। यहां काम करने वाले मजदूर आनन-फानन में छत पर चढ़ गए। कुछ मजदूर सड़क की ओर भाग गए। इतना ही नहीं कई लोग जान बचाने के लिए घरों के अंदर दुबक गए जबकि सड़क पर मौजूद लोग अपनी गाड़ियों में जा छिपे।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दोपहर करीब 1:20 बजे तेंदुआ सड़क पर देखा गया। नजर पड़ते ही लोगों में अफरा-तफरी मच गई। इसके बाद लोगों ने शोर मचाया तो तेंदुआ सड़क पर जाने के बजाय छलांग लगाते मकान नंबर-280 की छत पर पहुंच गय। यहां से छलांग लगाकर मकान नंबर- 270 से होता हुआ निर्माणाधीन मकान नंबर- 252 तक जा पहुंचा। अचानक तेंदुआ सामने देख उनके होश उड़ गए। आनन-फानन पर जान बचाने के लिए कोई छत पर तो सड़क की तरफ भाग गए। शोर सुनकर तेंदुआ भी घबरा गया और वह निर्माणाधीन मकान के सीढि़यों के नीचे छिपकर बैठ गया। इसके बाद पुलिस और वन्यजीव विभाग को सूचना दी गई। कुछ ही मिनटों में पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। थोड़ी देर में पुलिस और वन्यजीव विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और इलाके को घेर लिया। उन्होंने लोगों से घरों से बाहर न निकलने की अपील की। वन्यजीव विभाग ने तेंदुए को सुरक्षित पकड़ने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। दोपहर करीब 2 बजे रेस्क्यू शुरू किया गया। टीम ने आसपास जालियां लगाईं और ट्रैंक्विलाइजर के साथ साथ वाले मकान से पहली मंजिल पर पोजिशन ली। टीम ने आसपास जालियां लगाईं और ट्रैंक्विलाइजर के साथ सामने वाले मकान से पहली मंजिल पर पोजिशन ली। मौके पर पहुंची वन्यजीव और पुलिस की टीम ने निर्माणाधीन घर में काम करने वाले लोगों को सीढि़यों जरिये घर के पीछे से बाहर निकाला। इस दौरान तेंदुआ ग्राउंड फ्लोर पर सीढिय़ों के नीचे करीब दो घंटे तक छिपा बैठा रहा। शाम 4 बजे जैसे ही तेंदुए को पकड़ने के लिए जाल नीचे गिराने की कोशिश की गई तेंदुआ गुर्राते हुए हुए पीछे की दीवार फांदकर बाहर निकला और घरों पर छलांग लगाता हुआ ओल्ड पंचकूला-चंडीगढ़ हाईवे पार कर चंडीमंदिर कैंटोनमेंट क्षेत्र की ओर जंगल में चला गया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भय का माहौल बना रहा। देर शाम तक लोग सहमे नजर आए और रातभर निगरानी रखने के निर्देश जारी किए गए। अनुमान है कि तेंदुए की उम्र करीब तीन साल होगी।
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प्रत्यक्षदर्शी विजय बोले- बाइक से जाने लगे तो पास ने निकला तेंदुआ
विजय ने बताया कि वह सेक्टर-6 में बतौर ड्राइवर काम करते हैं। दोपहर 1:20 बजे गाड़ी खड़ी कर बाइक से जाने लगे तो तेंदुआ अचानक उसके पास से निकला और मकान नंबर- 280 में छलांग लगाकर बरामदे में घुस गया। विजय ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद सेक्टर-6 आरडब्ल्यूए व्हाट्सएप ग्रुप में सूचना मिली। लोगों को घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में तेंदुआ दिखाई दिया।

स्टेट हाईवे पर नाका लगाने की अपील की

वन्यजीव विभाग ने पुलिस से स्टेट हाईवे पर नाका लगाने की अपील की ताकि तेज रफ्तार वाहनों से तेंदुए को खतरा न हो और वह दोबारा रिहायशी इलाके में न लौटे। वन्यजीव इंस्पेक्टर सुरजीत यादव ने कैंट एरिया के सैन्य अधिकारियों को भी अलर्ट किया है। अगले 24 घंटों तक कैंट और सेक्टर-6 के आसपास सर्च ऑपरेशन जारी रखने के लिए कहा है। साथ ही रातभर निगरानी की जाएगी।





2011 में सेक्टर-10 की कोठी में घुसा था तेंदुआ



29 दिसंबर 2011 को भी सेक्टर 10 की कोठी में एक तेंदुआ घुस आया था, जिसे बेहोश करके पकड़ने के बाद मोरनी के जंगलों में छोड़ दिया गया था। इससे पहले बरवाला में भी ऐसी घटना हुई थी।
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2015 में अमरावती स्थित घर में घुसा था तेंदुआ

शिवालिक पहाड़ियों की तलहटी में बसे पंचकूला के अमरावती इलाके में तेंदुए ने दस्तक दी थी। यह तेंदुआ एक पूर्व सैन्य अफसर के घर में घुस गया था और करीब 3 घंटे की मशक्कत के बाद पकड़ा गया था।
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