वन विभाग ने अपने विस्तार की नई योजना तैयार की है। इसके अंतर्गत एक लाख छायादार, इमारती और अन्य पौधे तैयार किए हैं। जिनके पौधारोपण के आधार पर वन विभाग अपने विभाग का विस्तार करेगा। विभाग द्वारा पौधों की विभिन्न प्रजातियां तैयार करवाई गईं हैं। पौधारोपण के लिए मेडिसिनल प्लांट पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है, जिससे लोगों को स्वास्थ्य लाभ भी मिल सके।
उपायुक्त डॉ. गरिमा मित्तल ने कहा कि वर्ष 2016-17 में स्टेटस स्कीम के तहत एक लाख छायादार, इमारती व अन्य पौधे तैयार किए गए हैं, जिसमें से 50 हजार पौधे सरकारी स्कूलों, सरकारी संस्थाओं व अन्य विभागों को मुफ्त दिए जाएंगे। 50 हजार पौधे किसानों को रियायती मूल्य एक रुपये प्रति पौधे के हिसाब से दिए जाएंगे। पौधारोपण में वन विभाग द्वारा मेडिसिनल प्लांट की ओर भी काफी ध्यान दिया जा रहा है। वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि वन मंडल के अंतर्गत मोरनी की पहाड़ी पर विश्व स्तर का हर्बल वन पौधारोपण प्रस्तावित हैं।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2016-17 के दौरान 20 सूत्रीय कार्यक्रम में मंडल मोरनी पिंजौर द्वारा 1168.68 हेक्टेयर और 27.64 हेक्टेयर भूमि जो सड़कों के किनारे लगती हैं, पर पौधरोपण करने का लक्ष्य है। 410 हेक्टेयर वन मंडल अधिकारी, सामुदायिक वानिकी अंबाला द्वारा 1578.68 हेक्टेयर और 27.64 हेक्टेयर भूमि जो सड़कों व रेलवे लाइनों के साथ लगती भूमि पर पौधारोपण करने का लक्ष्य रखा गया है। यह पौधारोपण मानसून के दौरान होगा।
चार बांध बनकर तैयार
डा. गरिमा मित्तल ने बताया कि वन विभाग द्वारा पौधारोपण के साथ साथ मिट्टी से संबंधित कार्य व पानी से संबंधित कार्य किए जा रहे हैं। विभाग द्वारा तैयार बांध किसानों की भूमि के लिए सिंचाई, पशुओं के पीने के पानी के लिए महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री द्वारा 20 बांधों के निर्माण की घोषण की गई थी, जिसमें से 4 बांधों के निर्माण गत वर्ष में पूर्ण हो चुके है, तीन बांधों का निर्माण कार्य प्रगति पर है व शेष बांधें का निर्माण वर्षा ऋतु के बाद किया जाएगा।
पंचकूला का वन क्षेत्र
38 हजार 214.54 हेक्टेयर
आरक्षित वन-8628.72 हेक्टेयर
सुरक्षित वन-24 हजार 449.57 हेक्टेयर
सड़कों के संग वन-684.54 हेक्टेयर
रेलवे से लगते वन-125.56 हेक्टेयर
भूमि बांधों से लगते वन-7.94 हेक्टेयर
अवर्गीकृत वन-8.39 हेक्टेयर
चार और पांच वन क्षेत्र-4309.82 हेक्टेयर