भीषण हादसे में छह में से चार एयरबैग नहीं खुले थे, चालक को आई थीं गंभीर चोटें
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने फोर्ड इंडिया को राहत देने से इन्कार किया है। अदालत ने उपभोक्ता मंचों के उस आदेश को बरकरार रखा जिसमें फोर्ड ईकोस्पोर्ट की कीमत उपभोक्ता को लौटाने के निर्देश थे। यह आदेश एयरबैग सुरक्षा प्रणाली में खराबी के कारण था।
उपभोक्ता ने 1 जुलाई 2015 को 10 लाख 42 हजार 776 रुपये में फोर्ड ईकोस्पोर्ट खरीदी थी। 27 मई 2016 को पठानकोट-अमृतसर जीटी रोड पर वाहन डिवाइडर से टकराकर पलट गया। वाहन में छह एयरबैग थे पर हादसे में केवल दो ही खुले। चालक की ओर का एयरबैग समेत चार नहीं खुले जिससे चालक को गंभीर चोटें आईं।
उपभोक्ता ने निर्माण संबंधी खराबी की शिकायत अमृतसर जिला उपभोक्ता विवाद निवारण मंच में की। जिला मंच ने 14 मार्च 2017 को वाहन की कीमत वापस करने का आदेश दिया। राज्य आयोग और राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने भी कंपनी की चुनौती खारिज की।
तकनीकी खराबी और अदालत का फैसला :
फोर्ड इंडिया ने हाईकोर्ट में दलील दी कि एयरबैग में दोष साबित करने को विशेषज्ञ जांच आवश्यक है। कंपनी ने कहा कि एयरबैग हर दुर्घटना में खुलने के लिए डिजाइन नहीं होते। न्यायमूर्ति सुवीर सहगल और न्यायमूर्ति दीपिंदर सिंह नलवा की पीठ ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने कहा कि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ, पलटा और चार एयरबैग नहीं खुले, इन परिस्थितियों से सुरक्षा प्रणाली की विफलता स्पष्ट है। हाईकोर्ट ने फोर्ड इंडिया की याचिका खारिज कर वाहन की कीमत वापस करने का आदेश बरकरार रखा।