चंडीगढ़। हरियाणा के ऐलनाबाद हलके में सरकार ने सक्रियता बढ़ा दी है। ऐलनाबाद को मॉडल के तौर पर विकसित करने के बाद सभी 90 हलकों को इस तर्ज पर विकसित किया जाएगा। इसमें सीएसआर, कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी फंड का इस्तेमाल भी होगा। इससे अस्पताल, लाइब्रेरी, गोशाला और वृद्धाश्रम आदि की व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा। भाजपा-जजपा गठबंधन को सिरे चढ़ाने वाले मीनू बेनीवाल कई माह से यहां सक्रिय हैं।
प्रदेश सरकार के तीसरे वार्षिक बजट में भी सहभागिता-सरकारी-सामुदायिक भागीदारी और समर्पण (जीसीपी) का नया मॉडल विकसित करने का एलान किया गया है। बजट में ऐलनाबाद का जिक्र नहीं है, लेकिन सरकार की कोशिश यही रहेगी कि ऐलनाबाद की तर्ज पर बाकी हलकों में भी दानवीर लोगों की मदद से विकास कार्यों में भागीदारी बढ़ाई जाए।
ऐसे होगा काम
सरकार ने सहभागिता-सरकारी-सामुदायिक भागीदारी के लिए एक नीतिगत मॉडल विकसित करने का निर्णय लिया है। इसमें समुदायों और परोपकारियों के साथ पारदर्शी तरीके से भागीदारी की जाएगी। कई ऐसी संस्थाएं हैं जो स्कूल, अस्पताल, वृद्धाश्रम, अनाथ आश्रम, लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं आम लोगों के लिए मुहैया कराती हैं। ऐसी संस्थाओं व व्यक्ति विशेष को अब गांवों से जोड़ा जाएगा ताकि गांवों में शहरों की तर्ज पर विकास हो सकें।