नाले की सफाई नहीं होने से लोगों में चिंता, मानसून से पहले डी-सिल्टिंग की मांग
तेज बारिश में 3 से 4 फीट तक घरों में भर जाता है पानी
हर साल 150 मकानों और करीब 2,000 लोगों को झेलनी पड़ती है परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। सेक्टर-19 के दो मरला और तीन मरला हुडा प्लॉट्स में रहने वाले लोगों ने मानसून से पहले रेलवे लाइन के पास स्थित मौसमी नाले की सफाई कराने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि नाले की समय पर सफाई नहीं होने से हर साल बाढ़ जैसी स्थिति बन जाती है और करीब 150 घरों पर जलभराव का खतरा मंडराने लगता है।
क्षेत्रवासियों के अनुसार तेज बारिश के दौरान तीन से चार फीट तक पानी घरों में घुस जाता है। इससे फर्नीचर, बिजली के उपकरण, जरूरी दस्तावेज और अन्य घरेलू सामान खराब हो जाते हैं। करीब 150 मकानों और लगभग 2,000 लोगों को हर वर्ष इस समस्या का सामना करना पड़ता है।
लोगों का आरोप है कि रेलवे लाइन के पास स्थित मौसमी नाले में गाद जमा होने और समय पर सफाई नहीं होने के कारण बरसाती पानी की निकासी बाधित हो जाती है। कई सेक्टरों का वर्षा जल इसी नाले से गुजरता है, लेकिन सफाई के अभाव में पानी सेक्टर-19 की गलियों और घरों में भर जाता है।
निवासियों का कहना है कि इस समस्या को लेकर नगर निगम, जिला प्रशासन और मुख्यमंत्री कार्यालय को कई बार शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। उनका आरोप है कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण लोगों को हर वर्ष लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि जुलाई के पहले सप्ताह से पहले नाले की डी-सिल्टिंग और पूरी सफाई करवाई जाए। साथ ही सेक्टर-19 के लिए स्थायी जल निकासी और बाढ़ नियंत्रण योजना तैयार की जाए। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से मौके का निरीक्षण कर कार्य की निगरानी करने तथा पर्याप्त बजट और मशीनरी उपलब्ध कराने की भी मांग की है।
सेक्टर-19 निवासी महेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि इस संबंध में नगर निगम आयुक्त को प्रार्थना-पत्र सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि समय रहते नाले की सफाई नहीं हुई तो इस मानसून में भी हजारों लोगों के घरों में पानी घुसने का खतरा बना रहेगा।