डॉक्टरों की टीम सभी को समझा रही थी कि अगर बाद में भी शरीर में कोई बदलाव महसूस हो या तबीयत सही न लगे तो अस्पताल आकर जरूर संपर्क करें। आधे घंटे बाद सभी को बाहर भेज दिया गया। डॉ. राजीव ने बताया पहले दिन टीकाकरण में हिस्सा लेने वालों में ज्यादातर सिविल अस्पताल-45 के ही कर्मचारी रहे। वहीं, मनीमाजरा अस्पताल के भी कुछ कर्मचारियों का टीकाकरण किया गया।
परिवार के साथ अब सुरक्षित महसूस करूंगी
जब से कोविड की शुरुआत हुई, तब से अस्पताल में संक्रमण के खतरे के बीच ही काम कर रहे हैं। रोजाना पहले खुद को सैनिटाइज करती हूं और बच्चों से थोड़ी दूरी बनाकर रखती हूं लेकिन अब टीका लगवाने के बाद परिवार के साथ सुरक्षित महसूस करूंगी। - शिवानी, ग्रुप डी कर्मचारी, सिविल अस्पताल-45।
मुझे वैज्ञानिकों पर पूरा भरोसा है
मुझे वैज्ञानिकों पर पूरा भरोसा है। जल्द ही हम सब कोविड के खिलाफ इस जंग को जीतने में सफल होंगे। आज टीकाकरण अभियान का हिस्सा बनकर मैं बहुत खुश हूं। टीका लगने के बाद मुझे शरीर में किसी भी तरह का कोई बदलाव महसूस नहीं हुआ। मैं पूरी तरह स्वस्थ महसूस कर रहा हूं। - डॉ. गोल्डी छाबड़ा, पैथोलोजिस्ट, सिविल अस्पताल-45।
मैं टीकाकरण के पहले चरण में हिस्सा लेकर बहुत खुश हूं। यह हम सब की नैतिक जिम्मेदारी है कि हम टीका लगवाएं और खुद के साथ दूसरों को भी संक्रमण के खतरे से बचाएं। हालांकि मुझे थॉयराइड की समस्या है, इसके बावजूद मुझे टीका लगवाने के बाद किसी भी तरह की समस्या नहीं हुई। - डॉ. शेफाली, दंत चिकित्सक, सिविल अस्पताल-45।
टीका लगने के बाद स्वस्थ हूं, अफवाहों पर ध्यान न दें
टीका लगवाने के बाद मैं काफी उत्साहित महसूस कर रही हूं। पहले परिवार और इधर-उधर के लोगों से अफवाह सुनी थी कि यह टीका सुरक्षित होगा या नहीं। अब खुद लगवाया है। यह सामान्य टीकाकरण की तरह ही है। लोगों को अफवाहों से डरने की जरूरत नहीं है। यह टीका हमारी सुरक्षा के लिए ही है। - डॉ. उपमा, नेत्र चिकित्सक, सिविल अस्पताल- 45।
परिवार और समाज के सुरक्षा की लें जिम्मेदारी
मुझे अच्छा लग रहा है कि मैं इस टीकाकरण मुहिम के पहले चरण का हिस्सा बनी। अपने परिवार और समाज में आसपास के लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए यह बेहद जरूरी था क्योंकि हर समय अस्पताल में काम करने पर संक्रमण का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है। - मनप्रीत वर्मा, रेडियोलॉजिस्ट , सिविल अस्पताल - 45।
कोविड से टीका बेहतर
मुझे आठ सितंबर को कोविड संक्रमण हुआ था। उस समय बुखार के साथ काफी दर्द भी था। कोविड संक्रमण के दर्द से जूझने के बजाय टीका काफी बेहतर उपाय है। टीका लगवाने के बाद मुझे शरीर में किसी भी तरह का बदलाव, घबराहट महसूस नहीं हो रही है। सभी को आगे आकर टीकाकरण अभियान में हिस्सा लेना चाहिए। - डॉ. संगीता अजय, टीकाकरण अधिकारी, यूटी।