हरियाणा सरकार ने तीन महीने से आंदोलनरत आंगनबाड़ी कर्मियों की हड़ताल खत्म कराने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। सरकार हड़ताल के दौरान का मानदेय कर्मियों को देने के लिए तैयार हो गई है। सभी एफआईआर वापस ली जाएंगी। शनिवार को चंडीगढ़ स्थित हरियाणा सिविल सचिवालय में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वी. उमाशंकर व महिला एवं बाल विकास विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव जी. अनुपमा की आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स की विभिन्न यूनियनों के साथ बैठक में इन मांगों पर सहमति बनी।
मैराथन बैठक में 545 बर्खास्त कर्मचारियों को एक साथ बहाल करने पर गतिरोध बरकरार रहा। सरकार एक-एक मामले का अध्ययन कर बहाली की बात पर कायम रही, प्रतिनिधिमंडल ने इस पर एतराज जताया। जिससे कोई समझौता नहीं हो सका। सरकार ने कहा, कर्मचारी काम पर लौटें, किसी के साथ अन्याय नहीं होगा। इस मुद्दे पर सकारात्मक रूप से 16 मार्च तक अंतिम निर्णय लेंगे।
कर्मचारी तालमेल कमेटी की सदस्य देवेंद्री शर्मा, शकुंतला, कृष्णा, पुष्पा दलाल, जय भगवान व राजेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार अभी कई मुद्दों को अटकाना चाहती है। इसलिए हड़ताल व आंदोलन जारी रहेगा। 19 मार्च को कलायत में महापंचायत होगी। अगर 16 मार्च तक सरकार मांगों पर उचित निर्णय लेकर बर्खास्त कर्मियों को बहाल करती है तो हड़ताल व आंदोलन पर पुनर्विचार किया जाएगा।
मोबाइल फोन के लिए 9000 रुपये के वाउचर मिलेंगे
मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वी. उमाशंकर ने कहा कि 29 दिसंबर की घोषणाओं को पूरे तौर पर लागू किया जाएगा। मोबाइल फोन के लिए अप्रैल तक 9000 रुपये प्रति कर्मी वाउचर देंगे। इससे वे स्वयं अपना फोन खरीद सकेंगी।
आंगनबाड़ी के निजीकरण का कोई इरादा नहीं है। पदोन्नति में वर्कर एंड हेल्पर की कोई आयु सीमा नहीं रहेगी। नौकरी के दौरान कर्मचारी की मौत पर आश्रितों को तीन लाख रुपये देने की मांग मान ली गई है। आंगनबाड़ी कर्मियों का इलाज आयुष्मान योजना में होगा।
आंगनबाड़ी हड़ताल जल्द खत्म होने की संभावना
आंगनबाड़ी वर्कर व हेल्पर्स का आंदोलन जल्द समाप्त हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सरकार के उच्चाधिकारियों के बीच इसकी सहमति बन गई है। जिन मांगों पर गतिरोध बना हुआ है, उन पर भी दो दिन के भीतर मुख्यमंत्री से चर्चा कर उच्च अधिकारी कर्मचारी यूनियनों को संदेश पहुंचा देंगे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल भी चाहते हैं कि आंदोलन जल्द खत्म हो और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता काम पर लौटें।