चंडीगढ़। पंजाब के सरकारी कार्यालयों में अब फाइलें नहीं दिखाई देंगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विभागों के अधिकारियों को आनलाइन कामकाज शुरू करने के निर्देश दिए हैं। मान ने ई ऑफिस के जरिये कंप्यूटरीकरण को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। साथ ही सेवा केंद्रों के जरिये 100 और सेवाओं को आनलाइन करने को कहा है। मुख्यमंत्री का मानना है कि सार्वजनिक सेवा प्रणाली में इससे ज्यादा पारदर्शिता आएगी। पंजाब सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि सेवाओं को लोगों के द्वार तक पहुंचाने और पारंपरिक फाइल व्यवस्था को घटाने के उद्देश्य से राज्य सरकार डिजीटलाइजेशन को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि यह कदम समय पर सेवाएं मुहैया करवाने को सुनिश्चित बनाने के साथ-साथ दफ्तरी कामकाज में और पारदर्शिता लाएगा।
प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की ओर से राज्य में 526 सेवा केंद्रों के जरिये 122 ऑनलाइन सेवाओं की शुरुआत की जा चुकी है। ये सेवाएं कृषि विभाग, स्थानीय सरकारें, तकनीकी शिक्षा और चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान, कृषि विभाग के खाद और कीड़ेमार दवाओं के लाइसेंस जैसी सेवाओं, तकनीकी शिक्षा बोर्ड, पीटीयू से डुप्लीकेट सर्टिफिकेट, ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट होमस्टे स्कीम, फार्म टूरिज्म स्कीम, अस्थायी रजिस्ट्रेशन, स्थायी रजिस्ट्रेशन, डुप्लीकेट रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, पंजाब मेडिकल काउंसिल से संबंधित विदेशी रजिस्ट्रेशन तबादला, आग से सुरक्षा संबंधी एतराज नहीं सर्टिफिकेट, सीवरेज कनेक्शन में टाइटल ट्रांसफर, नाम बदलना या स्थानीय सरकारों से संबंधित पानी के कनेक्शन से संबंधित सेवाएं अब सेवा केंद्रों के द्वारा सीधे तौर पर प्राप्त की जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि इनमें से ज्यादातर सेवाएं पहले ऑफलाइन मोड प्रदान की जाती थीं, जिसमें समय की बर्बादी होती थी और अब ये सेवाएं ऑनलाइन कंप्यूटराइज्ड वर्क फ्लो के द्वारा पूरी तरह स्वचालित हो गई हैं और इनकी मौजूदा स्थिति का भी ऑनलाइन ही पता लगता रहेगा।
पोर्टल पर उपलब्ध हों नागरिक सेवाएं
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रशासनिक सुधार विभाग को हिदायत दी है कि सेवा केंद्रों के दायरे में कम से कम 100 और सेवाओं को शामिल करना सुनिश्चित बनाया जाए और एम-सेवा और पंजाब सरकार के पोर्टल पर भी नागरिक सेवाएं मुहैया की जाएं, जिससे लोग बिना सेवा केंद्र जाए ही इन सेवाओं के लिए आवेदन कर सकें।