पिंजौर की अल्ट्रा मॉडर्न एप्पल, फल एवं सब्जी मंडी में इस बार सेब की आवक पिछले साल की तुलना में काफी कम है। फिलहाल मंडी में प्रतिदिन 20 से 30 हजार पेटियां ही पहुंच रही हैं जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा करीब डेढ़ लाख पेटियों तक था।
कम आवक के बीच गाला सेब की मांग सबसे अधिक बनी हुई है। बेहतर रंग, स्वाद और आकर्षक पैकिंग के कारण 10 किलो का गाला गिफ्ट पैक 1800 से 2200 रुपये तक बिक रहा है। कारोबारियों का कहना है कि अभी कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों की फसल मंडी पहुंच रही है। ऊपरी पहाड़ी इलाकों से नई फसल आने के साथ कारोबार में और तेजी आने की उम्मीद है।
इन दिनों हिमाचल प्रदेश के शिमला, ठियोग, राजगढ़, रामपुर, कुल्लू, कोटखाई और आसपास के बागवानी क्षेत्रों से सेब से लदे ट्रक और पिकअप मंडी पहुंच रहे हैं। आढ़ती बंटू शर्मा ने बताया कि मंडी में गाला, रॉयल और रेड गोल्डन किस्म के सेब की आवक हो रही है। तीनों किस्मों की मांग बनी हुई है, लेकिन रंग, गुणवत्ता और स्वाद के कारण ग्राहक सबसे ज्यादा गाला सेब खरीद रहे हैं।
उन्होंने बताया कि गाला सेब का 10 किलो गिफ्ट पैक 1800 से 2200 रुपये तक बिक रहा है। वहीं 25 किलो की रॉयल सेब पेटी 1200 से 1600 रुपये और रेड गोल्डन सेब का बॉक्स 1500 से 3000 रुपये तक बिक रहा है। मंडी में नाशपाती की आवक भी लगातार हो रही है, जिसकी 25 किलो की पेटी 1200 से 1800 रुपये तक बिक रही है।
आढ़तियों का कहना है कि इस बार बागानों में उत्पादन कम रहने का असर मंडी की आवक पर भी साफ दिखाई दे रहा है। अभी सीजन की शुरुआत है और जैसे-जैसे ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों से फसल बाजार में पहुंचेगी, आवक के साथ कारोबार भी गति पकड़ेगा।