पंचकूला। गांधी कॉलोनी की रहने वाली एक गर्भवती महिला की डिलीवरी एमडीसी-5 के गुरुद्वारा साहिब के पास एंबुलेंस रोककर महिला ईएमटी और ड्राइवर ने सूझबूझ के साथ करवाई है। इसके बाद से जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित और स्वस्था हैं और दोनों को सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। एंबुलेंस टीम ने बताया कि गर्भवती अनु को पेट में दर्द हुआ तो उसके परिजनों ने फोन करके एंबुलेंस बुलाई। जब मौके पर एंबुलेंस पहुंची तो उन्होंने पहली बार में गर्भवती को नहीं भेजा।
इसके बाद जब महिला को सोमवार को सुबह 10 बजे दोबारा दर्द हुआ तो उसे लेने के लिए एंबुलेंस दोबारा बुलाई गई। जब एंबुलेंस गर्भवती को लेकर एमडीसी की गांधी कॉलोनी से लेकर आ रही थी तो श्री गुरुद्वारा साहिब के सामने अनु को दर्द हुआ तो उन्होंने एंबुलेंस वहीं रोक दी। इसके बाद महिला ईएमटी हेमा और एंबुलेंस के ड्राइवर जगदीश ने सूझबूझ के साथ यहीं पर महिला की डिलीवरी करवाई। यहां पर अनु ने बेटे को जन्म दिया है। अनु ने बताया कि उसकी डिलीवरी ईएमटी हेमा और ड्राइवर जगदीश की सूझबूझ से सही हो गई है। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। यहां डॉक्टरों ने अनु और नवजात बच्चे का जरूरी इलाज दिया। इसके बाद दोनों की हालत खतरे से बाहर रही है। सिविल अस्पताल के पीएमओ डॉ. आरएस चौहान ने बताया कि डिलीवरी के लिए 24 घंटे इमरजेंसी में मिलती है। इसलिए लोगों को एंबुलेंस और ईएमटी की मदद लेनी चाहिए। इससे कई बार हमारे स्वास्थ्य विभाग में तैनात ईएमटी की ओर से बेहतरीन कमा किया गया है। इससे जच्चा-बच्चा स्वस्थ हालात में अस्पताल में आए हैं। सभी को अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं देना ही हमारा लक्ष्य है। इसे हम पूरी तन्मयता से कर रहे हैं।