चंडीगढ़। कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलनरत किसान मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के खिलाफ सड़कों पर उतर आए। उग्र किसानों ने पंजाब भर में 600 स्थानों पर आईएमएफ और डब्ल्यूटीओ के पुतले फूंके। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने चेतावनी दी कि अब समय आ गया है कि आंदोलन को उग्र रूप दिया जाए।
किसानों का यह प्रदर्शन भारतीय किसान यूनियन एकता (उगराहां) के आह्वान पर किया गया। यूनियन के संगठन महासचिव सुखदेव सिंह कोकरी कलां ने कहा कि मोदी सरकार अब किसानों के आंदोलन को लेकर साजिश रच रही है। इसी के तहत आईएमएफ और डब्ल्यूटीओ किसान विरोधी मुहिम में शामिल हो गए हैं। किसान सरकार की ऐसी साजिशों को समझ चुका है और समय समय पर जवाब भी दे रहा है।
विभिन्न स्थानों पर हुए प्रदर्शनों को किसान नेता जगतार सिंह कालाजार, जसविंदर सिंह बारास, चमकौर सिंह नैनवाल, सरोज दयालपुरा, सुखजीत सिंह कोठागुरु, सुनील कुमार भोदीपुरा के अलावा राम सिंह भाटीबाग, गुरभगत सिंह भलियाना, लखविंदर सिंह मंझिवाली, मोहन सिंह नकोदर, नत्था सिंह बराड़, बलवंत सिंह घुदानी, गुरमीत सिंह किशनपुरा आदि ने संबोधित किया। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने चेतावनी दी कि मोदी सरकार जब तक कृषि कानूनों को वापस नहीं लेगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा। दिल्ली में 26 जनवरी को किसान परेड की तैयारी के लिए 20-21 जनवरी को पंजाब भर में होने वाले ट्रैक्टर मार्च के लिए युवाओं में जबरदस्त उत्साह है।