चंडीगढ़। लाहन से बनाई जाने वाली अवैध शराब पर शिकंजा कसने के लिए आबकारी टीमों ने मंगलवार तड़के लुधियाना जिले के बेट इलाके में छापे मारे। इस कार्रवाई में 2.80 लाख लीटर लाहन और 100 लीटर अवैध शराब बरामद कर उसे मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि आबकारी मंत्री हरपाल सिंह चीमा के निर्देश पर आबकारी कमिश्नर वरुण रूजम ने मंगलवार सुबह 5.30 बजे बेट क्षेत्र में व्यापक छापेमारी करने के लिए चार टीमें गठित की थीं। लुधियाना रेंज की सहायक कमिश्नर (आबकारी) डॉ. शिवानी गुप्ता द्वारा डिप्टी कमिश्नर (आबकारी) पटियाला जोन शालिन वालिया के नेतृत्व में लाहन से अवैध शराब बनाने संबंधी छापों के लिए इन टीमों का गठन किया गया था। सतलुज नदी के किनारे के गांवों- तलवानी नाबाद, बडंदी नजदीक गोरसिया, भोलेवाल जद्दीद, राजापुर, खेड़ा बेट, मजारा कलां, हाकम राय बेट, शेरेवाल, बागियां और पिंड बहादर में छापे मारे गए। करीब 40 किलोमीटर के क्षेत्र में अवैध शराब बनाने की प्रक्रिया को रोकने के लिए यह मुहिम चलाई गई थी।
इस अभियान के दौरान हैरान करने वाला तथ्य यह भी सामने आया है कि लाहन से अवैध शराब बनाने के लिए लुधियाना की विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के सीवरेज का पानी इस्तेमाल किया जाता था। टीम को देखकर शराब बनाने वाले व्यक्ति 30 चालू भट्ठियां, 6 क्विंटल लकड़ी, 15 लोहे के ड्रम, दो एल्युमीनियम के बर्तन, 9 प्लास्टिक की पाइपें और गुड़ की 12 बोरियां छोड़कर भाग गए। उल्लेखनीय है कि शराब बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा पानी औद्योगिक इकाइयों के रासायनिक अवशेष और जहरीले पदार्थों से परिपूर्ण होता है, इसलिए कोई भी इस अवैध शराब से पीने वाले लोगों को होने वाले खतरे की कल्पना कर सकता है। नदी के किनारों/सरहदी क्षेत्रों में लाहन से बनाई जाने वाली अवैध शराब एक बड़ी चुनौती बन गई है, जिससे प्रदेश में शराब की बिक्री पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है।