पूर्व सैनिकों, वीर नारियों (जंगी विधवाओं), दिव्यांग पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों की सेवा और पुनर्वास के लिए पंजाब सरकार ने नई पहल की है। सरकार ने इनके लिए एक नया ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है, जिससे वे घर बैठे ही राज्य की अलग-अलग सेवाओं का लाभ ले सकते हैं।
यह एलान शुक्रवार को रक्षा सेवा कल्याण मंत्री फौजा सिंह सरारी ने चंडीगढ़ में रक्षा कर्मियों की सुविधा के लिए नया वेब पोर्टल ई-सेनानी लॉन्च करने के मौके पर किया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार देश वासियों की सुरक्षा के लिए मुश्किल घड़ी में कीमती योगदान देने वाले रक्षा सैनिकों के साथ-साथ आम नागरिकों की भलाई के लिए वचनबद्ध है। आप सरकार ने देश में अलग-अलग सैन्य ऑपरेशनों के दौरान अपनी जानें गंवाने वाले शहीद रक्षा सैनिकों के आश्रितों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने का ऐतिहासिक फैसला लागू किया है। इसके अलावा अलग-अलग वर्गों के पूर्व सैनिकों, जंगी विधवाओं, पूर्व सैनिकों की विधवाओं और उनके आश्रित परिवारों के लिए अलग-अलग कल्याण स्कीमें और वित्तीय सहायता भी उपलब्ध करवाई गई है।
पूर्व सैनिकों के लिए शुरू की गई ऑनलाइन सेवा को लेकर फौजा सिंह सरारी ने बताया कि इससे पहले पूर्व सैनिकों को अपनी जिंदगी के मुश्किल दौर में लाभार्थी सेवाएं लेने के लिए संबंधित जिला सुरक्षा सेवा कल्याण दफ्तरों में जाना पड़ता था, लेकिन अब वे अपने घर बैठे या विदेशों से भी जरूरी दस्तावेज अपलोड करके कोई भी सेवा ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा पूर्व सैनिक और उनके आश्रित राज्य सरकार की तरफ से रक्षा सेवाओं की अलग-अलग श्रेणियों की नौकरियों के लिए आवेदन कर सकते हैं।
मंत्री ने बताया कि रक्षा सेवाओं की श्रेणियों के लाभार्थी शहीदों और दिव्यांग सैनिकों के नजदीकी रिश्तेदारों को एक्स-ग्रेशिया ग्रांट, गैलेंटरी और डिस्टिंगुइश्ड अवार्ड प्राप्त करने वालों (सिविलियन) को नकद पुरस्कारों की ग्रांट और लीनल वंशज या पूर्व सैनिकों को नौकरी के लिए सर्टिफिकेट जारी करने संबंधी सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं। वेब पोर्टल www.dsw.punjab.gov.in पर एक विशेष ई-सेनानी विंडो उपलब्ध करवाई गई है, जहां पूर्व सैनिक और विधवाएं पहचान पत्र प्राप्त करने के लिए स्वयं को ऑनलाइन पंजीकृत कर सकते हैं।
इस मौके पर विशेष मुख्य सचिव कृपा शंकर सरोज, अतिरिक्त सचिव कुलजीतपाल सिंह माही और निदेशक रक्षा सेवा कल्याण, पंजाब ब्रिगेडियर सतींद्र सिंह और एनआईसी अधिकारी विवेक वर्मा, उपनिदेशक जनरल और सूचना अफसर अनूप जलाली, वरिष्ठ तकनीकी निदेशक और विभागाध्यक्ष उपस्थित थे।