पंचकूला। जीरकपुर-पंचकूला बाईपास के बीच वन्य क्षेत्र में 3 किलोमीटर का एलिवेटेड सड़क बनाने के लिए पर्यावरण एवं वन मंत्रालय से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को मंजूरी मिल गई है। इस प्रोजेक्ट में तकनीकी बदलाव के चलते जीरकपुर-पंचकूला बाईपास का टेंडर खोलने की तारीख अगस्त के बजाय 20 सितंबर कर दी गई। अब अगले माह 19.2 किलोमीटर का बाईपास का टेंडर खुलेगा। बाईपास का काम 1 दिसंबर से शुरू होने की उम्मीद है। बाईपास बनने से पंचकूला शहर पर ट्रैफिक दबाव भी कम हो जाएगा। जीरकपुर और शिमला से आने-जाने वाले वाहन बाईपास होकर चले जाएंगे।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा जीरकपुर-पंचकूला बाईपास परियोजना पर 1878.31 करोड़ रुपये (18 अरब से अधिक) खर्च किए जाएंगे। 19.2 किलोमीटर लंबी इस परियोजना में 6 लेन एक्सप्रेस बाईपास बनाए जाएंगे। यह बाईपास जीरकपुर से होकर बाईपास चंडीमंदिर के पास निकलेगा। इसके निर्माण से जीरकपुर, बलटाना, ढकोली और कालका चौक पर ट्रैफिक जाम से लोगों को काफी राहत मिलेगी। साथ ही दुर्घटनाओं में कमी और ईंधन की बचत भी होगी। इसके अलावा पटियाला, दिल्ली और मोहाली एयरपोर्ट की ओर से आने-जाने वाले वाहनों को भी शहर में प्रवेश किए बिना सीधे हिमाचल की ओर जाने के लिए रास्ता मिल जाएगा।
एक्जिस्टिंग मार्ग को जोड़ने के लिए तीन फ्लाईओवर भी बनेंगे
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के प्रोजेक्ट डायरेक्ट ने बताया कि जीरकपुर में एनएच-7 (चंडीगढ़-बठिंडा) के जंक्शन से शुरू होकर पंचकूला में एनएच-5 (जीरकपुर-परमाणू) के जंक्शन पर आकर मिलेगा। इस बीच छह फ्लाईओवर बनाए जाएंगे। रिंग रोड को जोड़ने के लिए एंट्री पॉइंट पर जीरकपुर की तरफ और एक्जिट पॉइंट पर चंडीमंदिर में फ्लाईओवर बनेगा। वहीं, एक्जिस्टिंग मार्ग को जोड़ने के लिए पूरे प्रोजेक्ट के बीच में तीन फ्लाईओवर बनाए जाएंगे। इसके अलावा 6 किलोमीटर का एलिवेटेड मार्ग घग्गर नदी पर पंचकूला से गुजरेगा।
19.2 किलोमीटर लंबे बाईपास की डीपीआर तैयार कर ली गई है। प्रोजेक्ट का टेंडर सितंबर में खुलेगा। वहीं, वन्य क्षेत्र में तीन किलोमीटर का एलिवेटेड सड़क बनाने की मंजूरी पर्यावरण एवं वन मंत्रालय से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को मिल गई है। -असीम बंसल, प्रोजेक्ट डायरेक्ट एनएचआई