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Panchkula News: नगर परिषद का आधे से ज्यादा कार्यकाल पूरा होने के बाद भी, विकास की राह देख रहे लोग

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कालका। नगर परिषद बने आधे से ज्यादा कार्यकाल पूरा होने के बाद भी जनता विकास की राह ताकती नजर आ रही हैं। लोगों को उम्मीद थी की नगर परिषद बनने के बाद विकास कार्याें में तेजी आएगी और वार्डों की सूरत बदल जाएगी। लेकिन, अब भी ऐसे कई वार्ड हैं जहां पर नारियल फोड़ शिलान्यास के बाद एक ईंट भी नहीं लग पाई है।
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जून 2022 को नप कालका के चुनावों के बाद पिंजौर-कालका को 31 पार्षद ओर 1 चेयरमैन मिला था। 14 जुलाई 2022 को शपथ ग्रहण हो गया था। पांच साल के कार्यकाल के हिसाब से नगर परिषद का अब तक आधे से अधिक कार्यकाल पूरा हो चुका है। लेकिन अभी भी यहां के लोगों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं।




स्ट्रीट लाइट और पार्किंग की समस्या नहीं सुधरी

कालका के सितारचंद, लक्की व अन्य लोगों ने बताया कि कालका व उसके साथ लगते गांवों में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था पूरी तरह चौपट है। शहर की कई गलियों में और बस स्टैंड से लेकर थाने व उसके आगे के एरिया में सूरज ढलते ही अंधेरा छा जाता है। ऐसे में हर समय हादसे का डर बना रहता है।
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सौरभ बंसल और बाॅबी सहित अन्य लोगों ने बताया कि पार्किंग शहर का एक बहुत ही गंभीर मुद्दा है। चुनाव के दौरान पार्किंग व्यवस्था को लेकर नेताओं ने बड़े-बड़े वादे किए थे। उस दौरान कहा गया था कि मंदिर के पास पार्किंग के साथ-साथ मेन बाजार स्थित एक सरकारी कार्यालय में पार्किंग बनाने का प्रपोजल रखा जाएगा। लेकिन कोई भी वादा सिरे नहीं चढ़ पाया है। लोगों को आज भी मजबूरन अपनी गाड़ियां सड़क पर पार्क करनी पड़ती हैं। इससे सड़क पर जाम तो लगता ही है। ऑनलाइन चालान भी कट जाते हैं।

बंदरों, संरक्षित पशुओं और स्ट्रे डॉग्स का नहीं हुआ समाधान

शहर में स्ट्रे डॉग्स और झुंड में घूमते संरक्षित पशु एवं बंदर एक बड़ी समस्या बने हुए हैं। इनका अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। स्ट्रे डाॅग के हमलों और संरक्षित पशुओं की चपेट में आकर बहुत से लोग घायल हो चुके हैं। कई लोगों की जान भी जा चुकी है। शहर की कई गलियों में आज भी बंदरों का उत्पात जारी है।
कोट्स
केवल कागजों में हो रहे विकास कार्य
वार्डों में डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन करने वाले कर्मचारी नहीं आ रहे हैं। स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। समय पर सदन की बैठकें न होने के कारण विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। वार्ड में 20 लाख तक के काम करवाने के लिए कहा गया था जोकि आज तक नहीं हो पाए हैं। केवल कागजों में विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। -रवि चौधरी, पार्षद, वार्ड-25
पूरे शहर में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था चौपट है
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डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन का ठेका न्यू एजेंसी को देने के बावजूद घरों से कूड़ा उठाने कोई नहीं आ रहा। स्ट्रे डॉग्स की शहर में भरमार है, लोगों का रात के समय गलियों से निकलना दूभर हो जाता है। पार्किंग को लेकर जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। -गोल्डी वाल्मीकि, पार्षद वार्ड-2
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वार्ड में कोई काम नहीं हो रहा। श्मशान घाट का रास्ता आज तक नहीं बना। स्ट्रीट लाइट का हाल खराब है। अपने खर्चे से स्ट्रीट लाइटें ठीक करवाई थीं वे फिर खराब हो गईं। तालाब के पानी की निकासी का आज तक कोई हल नहीं निकाला गया। लोगों के घरों में पानी घुस रहा है। -कृष्ण लाल बिट्टू, पार्षद वार्ड-28

आधिकारिक कोट
सीसीएमएस सिस्टम से स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था को सुधारा जाएगा। बंदरों और संरक्षित पशुओं के लिए टेंडर लगाया हुआ है। स्ट्रे डॉग्स के नसबंदी की टेंडर प्रक्रिया के लिए सीएसआई को निर्देशित किया गया है। -जरनैल सिंह, ईओ नगर परिषद कालका।
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