सीबीआई और पुलिस अधिकारी बनकर ठगों ने किया मानसिक शोषण, वीडियो कॉल पर दिखाए फर्जी दस्तावेज
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर पिंजौर निवासी 70 वर्षीय सेवानिवृत्त कर्मचारी से 80 लाख रुपये से अधिक की ठगी कर ली। ठगों ने खुद को ट्राई, सीबीआई, पुलिस और बैंक अधिकारी बताकर फोन और व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए बुजुर्ग को मानसिक दबाव में रखा और अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करवा ली। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार 11 जनवरी को पीड़ित के मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आई। कॉलर ने खुद को टेलीफोन रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके आधार से जुड़े मोबाइल नंबर और बैंक खाते से मनी लॉन्ड्रिंग का मामला जुड़ा है। इसके बाद व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर एक व्यक्ति ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर फर्जी दस्तावेज और वीडियो दिखाए और जांच के नाम पर डराना शुरू कर दिया।
गिरफ्तारी और बच्चों को नुकसान पहुंचाने की धमकी
ठगों ने दावा किया कि शिकायतकर्ता के खाते में करीब दो करोड़ रुपये का संदिग्ध लेनदेन हुआ है और आरबीआई गाइडलाइन के तहत सभी खातों की जांच जरूरी है। गिरफ्तारी और बच्चों को नुकसान पहुंचाने की धमकी देकर कहा गया कि जांच के दौरान वह अपनी पूरी जमा राशि एक सेफ अकाउंट में ट्रांसफर कर दें, जिसके बाद रकम लौटा दी जाएगी।
डर के कारण पीड़ित ने विभिन्न बैंकों से आरटीजीएस और यूपीआई के माध्यम से अलग-अलग खातों में 80 लाख 9 हजार 500 रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में जब उनके बेटे ने पैसों के लेनदेन को लेकर सवाल किए, तब पूरे मामले का खुलासा हुआ और यह डिजिटल अरेस्ट के नाम पर साइबर फ्रॉड निकला। इसके बाद 17 जनवरी को साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करवाई गई। फिलहाल साइबर क्राइम थाना सेक्टर-20 पुलिस मामले की जांच कर रही है।