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Panchkula News: नगर निगम-बैंक गठजोड़ पर ईडी का शिकंजा, 12 ठिकानों पर छापे

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कोटक महिंद्रा बैंक में हुए 158 करोड़ के घोटाले में कार्रवाई
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। नगर निगम के 145 करोड़ रुपये के कथित घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बुधवार को 12 ठिकानों पर छापे मारे। यह कार्रवाई चंडीगढ़, पंचकूला, जीरकपुर, डेराबस्सी और राजपुरा में एक साथ की गई जहां से मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े कई अहम दस्तावेज, सेल-परचेज एग्रीमेंट और डिजिटल सबूत बरामद किए गए हैं।

नगर निगम के नाम से दो फर्जी बैंक खाते खुलवाए

ईडी की शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह घोटाला बैंक अधिकारियों, नगर निगम कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों के बीच एक संगठित आपराधिक गठजोड़ का परिणाम है। आरोप है कि कोटक महिंद्रा बैंक के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट पुष्पपिंदर सिंह और कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजर दिलीप कुमार राघव ने नगर निगम के तत्कालीन सीनियर अकाउंट्स ऑफिसर विकास कौशिक के साथ मिलकर इस साजिश को अंजाम दिया। जांच के मुताबिक आरोपियों ने जाली दस्तावेजों के आधार पर नगर निगम के नाम से दो फर्जी बैंक खाते खुलवाए और निगम के असली खातों से करोड़ों रुपये इन खातों में ट्रांसफर कर दिए। इस दौरान फर्जी ईमेल आईडी और नकली फंड माइग्रेशन लेटर का इस्तेमाल किया गया, ताकि पूरी प्रक्रिया को वैध दिखाया जा सके।
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16 फर्जी फिक्स्ड डिपॉजिट भी जारी

निगम अधिकारियों को गुमराह करने के लिए आरोपियों ने 16 फर्जी फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) भी जारी किए। दस्तावेजों में दिखाया गया कि 145.03 करोड़ रुपये कोटक महिंद्रा बैंक की सेक्टर-11 शाखा में निवेश किए गए हैं, जिनकी मैच्योरिटी वैल्यू 158.02 करोड़ रुपये बताई गई। वास्तविकता में यह राशि पहले ही बैंक से बाहर निकाली जा चुकी थी। ईडी की जांच में खुलासा हुआ है कि निकाली गई रकम को फाइनेंसरों के जरिए ‘राउंड ट्रिपिंग’ कर वापस मुख्य आरोपियों तक पहुंचाया गया। इस प्रक्रिया में राजत डहरा, स्वाति तोमर, कपिल कुमार और विनोद कुमार के नाम सामने आए हैं। इसके अलावा घोटाले की रकम का एक हिस्सा रियल एस्टेट कंपनियों और निजी व्यक्तियों को भी भेजा गया। छापे के दौरान पुष्पपिंदर सिंह, दिलीप कुमार राघव, विकास कौशिक, राजत डहरा, कपिल कुमार सहित अन्य से जुड़े ठिकानों पर कार्रवाई की गई। ईडी अब जब्त दस्तावेजों के आधार पर पैसे के पूरे ट्रेल का पता लगाने में जुटी है।
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फाइनेंसरों के जरिये पैसे की राउंड ट्रिपिंग

ईडी की जांच में खुलासा हुआ कि निगम के खातों से अवैध रूप से निकाला गया पैसा राजत डहरा, स्वाति तोमर, कपिल कुमार और विनोद कुमार जैसे फाइनेंसरों को ट्रांसफर किया गया। वहां से यह पैसा वापस साजिश के मुख्य सूत्रधार पुष्पपिंदर सिंह और उसकी पत्नी प्रीति ठाकुर के पास पहुंचा। इसके अलावा, काली कमाई का बड़ा हिस्सा निजी व्यक्तियों तक पहुंचाया गया।
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