माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। दिवाली के बाद पंचकूला में भी वायु प्रदूषण बढ़ गया है। इस कारण अस्पताल में बुखार, जुकाम के साथ सांस लेने में तकलीफ होने वाले मरीजों की संख्या बढ़ गई है। अस्पताल में ओपीडी नहीं चलने और इमरजेंसी में भीड़ होने के कारण मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में सांस लेने के मरीजों की संख्या में तीस फीसदी बढ़ गई है। पंचकूला सिविल अस्पताल सेक्टर-6 के पीएमओ डॉ. जितेंदर सिंह ने बताया कि प्रदूषण का स्तर बढ़ने पर मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अस्पताल में ऐसे मरीजों के लिए स्पेशल क्लीनिक चलाया गया है। आबोहवा खराब होने के कारण यह दिक्कत हुई है।
इसमें सबसे अधिक बुजुर्ग मरीज आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि ओपीडी बंद होने के बाद इमरजेंसी में रोजाना सात सौ मरीज आ रहे हैं। इसमें सांस की शिकायत के करीब दो सौ मरीज आए हैं। इसमें तीस फीसदी संख्या सांस के मरीजों की बढ़ी है। इसके अलावा बुखार, त्वचा, आंख में जलन सहित अन्य बीमारियों के लोग इलाज के लिए आ रहे हैं। इसमें डॉक्टरों की टीम तैनात की गई है। वहीं इमरजेंसी में तैनात डॉ. अमरजीत सिंह ने बताया कि प्रदूषण बढ़ने के कारण पहले से रोगी, कम रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले मरीज, बुजुर्ग, बच्चों की समस्या बढ़ गई है। ऐसे मरीजों को विशेष रूप से बचने की सलाह दी गई है। किसी भी प्रकार की दिक्कत होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेने की अपील की गई है।
मरीजों को इलाज में हुई परेशानी
सिविल अस्पताल में इलाज कराने आए बरवाला के मरीज सोमनाथ ने बताया कि सांस फूलने के कारण उनका इलाज नहीं हो सका है। तकलीफ अधिक होने पर उन्हें इलाज सही तरीके से नहीं मिला है। अब वह पीजीआई इलाज के लिए रेफर कर रहे हैं। पंचकूला से आई सुनीता सिंह ने बताया कि उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही है। इलाज के लिए अस्पताल आए हैं। कई बार भीड़ अधिक होने के बाद मरीजों को स्ट्रेचर और व्हील चेयर मिलने में मशक्कत करनी पड़ी।
आतिशबाजी से बढ़ी है मरीजों की दिक्क्त
पंचकूला में इमरजेंसी में तैनात डॉ. अमरजीत सिंह ने कहा कि दिवाली के बाद में वायु गुणवत्ता बेहद खराब है। आतिशबाजी के बाद 230 एक्यूआई पहुंच गया है। उन्होंने इलाज के दौरान बुजुर्गों और लोगों से अपील की है कि लोग सुबह के समय सैर पर न जाएं। लोग मास्क का प्रयोग करें। इसके साथ ही अगर सांस फूलने की कोई शिकायत है तो डॉक्टर को दिखाएं। अपनी मर्जी से मरीज दवाएं नहीं लें।
अस्पताल में इलाज के लिए आए मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इमरजेंसी में मरीजों को देखा जा रहा है। ओपीडी बंद होने के बाद भीड़ अधिक हो गई है। स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की टीम लगाई गई है। - जितेंदर सिंह, पीएमओ, सिविल अस्पताल सेक्टर-6