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कोविड के चलते सरकार के पास कम आया राजस्व, कर्मियों के वेतन में देरी

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चंडीगढ़। कोरोना महामारी के चलते इस बार भी सरकार के पास राजस्व कम आया। इसके चलते प्रदेशभर के कर्मचारियों और अधिकारियों का वेतन मेें देरी हो रही है। ग्रुप डी और सी का वेतन तो जारी कर दिया गया है, जबकि ए और बी स्तर के कर्मचारियों के वेतन में देरी हो रही है। समय पर वेतन नहीं मिल पाने के कारण कर्मचारियों की परेशानी बढ़ने लगी है।
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अमूमनन सरकारी कर्मचारियों का वेतन महीने की एक तारीख तक आ जाता है, लेकिन कोरोना के चलते परेशानी दिक्कत आ रही है। पिछले माह भी 10 तारीख को वेतन आया था। पिछले साल कोविड महामारी के दौरान सरकार की तरफ से पॉलिसी बनाई गई थी कि पहले ग्रुप डी और सी के कर्मचारियों को वेतन जारी किया जाएगा। इसके बाद अन्य श्रेणियों के कर्मचारियों को। इस बार सरकार की ओर से बिल जमा कराने को लेकर पोर्टल नहीं खोला गया, जिससे वेतन में देरी हुई।
करीब 2 लाख, 76 हजार सरकारी कर्मचारी को हर साल वेतन के रूप में करीब 1100 करोड़ रुपए जाते हैं। इनमें निगम और बोर्डों के कर्मचारियों समेत डीसी के रेट के कर्मचारियों को शामिल नहीं किया गया है। उनका वेतन अलग से जारी होता है। शिक्षा विभाग के अधिकारी ने बताया कि समय पर सैलरी नहीं मिलने के कारण परेशानी है। एक तो बैंकों की ईएमआई टूट रही है। इस पर अतिरिक्त ब्याज देना पड़ता है। इसके अलावा, माह के तमाम बिल भी 1 से 6 तारीख तक शुरू होते हैंँ।
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बिल बनाने शुरू : अधिकारी
उधर, वित्त विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सोमवार से बिल जमा कराने के लिए पोर्टल खोला गया है। कोविड के चलते इस बार सरकार के पास रीसिट कम आई है, जिसके चलते देरी हुई है। पहले डी और सी ग्रुप के कर्मचारियों की सैलरी दी गई थी। मंगलवार से ए और बी श्रेणाी के कर्मचारियों का वेतन जारी करना शुरू कर दिया है।
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