पंजाब यूनिवर्सिटी की नई स्टूडेंट काउंसिल का दो बार शपथ ग्रहण समारोह कराने को लेकर डीएसडब्ल्यू प्रो. इमैनुअल नाहर विवादों में आ गए हैं। उन्हें वीसी कार्यालय से नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है कि आखिर नियमों के मुताबिक समारोह क्यों नहीं आयोजित किया गया। अगर ऐसा किया गया तो प्रॉटोकोल के अनुसार वीसी को जानकारी दी जानी चाहिए थी, लेकिन उन्हें क्यों अंधेरे में रखा गया।
पीयूसीएससी के चुनाव 6 सितंबर को कराए गए और परिणाम भी उसी दिन आ गए। इसमें अकाली दल की यूथ विंग सोई के चेतन चौधरी अध्यक्ष बने और एनएसयूआई के टिकट से काउंसिल उपाध्यक्ष राहुल कुमार, सचिव तेगबीर सिंह व उप सचिव मनप्रीत सिंह महाल बने थे। नियमों के मुताबिक इन सभी पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह एक ही दिन आयोजित होना चाहिए था। सभी को शपथ दिलाने का जिम्मा भी डीएसडब्ल्यू के पास होता है।
जानकारों का कहना है कि शपथ ग्रहण समारोह 13 सितंबर को आयोजित किया गया, लेकिन उसमें अध्यक्ष चेतन चौधरी नहीं पहुंचे। बताया जाता है कि उस कार्यक्रम में अकाली दल प्रमुख सुखबीर सिंह बादल नहीं पहुंचे थे, इस कारण चेतन चौधरी भी नहीं पहुंच पाए। उस दिन बाकी पदाधिकारियों को शपथ दिलाई गई। उसके बाद 16 सितंबर को फिर शपथ ग्रहण समारोह हुआ और उसमें अकाली दल प्रमुख सुखबीर सिंह बादल पूरे काफिले के साथ पहुंचे थे और चेतन चौधरी ने उन्हीं के समक्ष शपथ ली थी।
नियमानुसार समारोह एक ही बार होना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। साथ ही अगर बाद में समारोह कराया जाना था और उसमें बड़े नेताओं को आना था तो उसकी सूचना वीसी को प्रॉटोकोल के तहत जानी चाहिए था, ताकि अन्य व्यवस्थाएं भी की जा सकें। सूत्रों का कहना है कि इसी कारण डीएसडब्ल्यू को नोटिस जारी किया गया है। इस संबंध में डीएसडब्ल्यू प्रो. नाहर से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
सीनियर प्रोफेसर को आज मिल सकता है डीएसडब्ल्यू का चार्ज
बुधवार को हाईकोर्ट में पीयू के डीएसडब्ल्यू पद को लेकर सुनवाई हुई थी। उसी का आदेश वीरवार को आना था, लेकिन ऑनलाइन अपलोड नहीं हो सका। बताया जाता है कि शुक्रवार को आदेश मिल जाएगा तो उसी के मुताबिक पीयू प्रशासन किसी सीनियर प्रोफेसर को डीएसडब्ल्यू का चार्ज देगा। इसके लिए पीयू प्रशासन ने सीनियर्टी लिस्ट भी निकाली है। वहीं दूसरी ओर चर्चा रही कि डीएसडब्ल्यू प्रो. नाहर वीरवार को कार्यालय में नहीं दिखे।