फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Drug Smuggling In Punjab: पंजाब में अब महिलाओं के जरिए हो रही नशे की तस्करी, तस्करों ने निकाला नया तरीका

Tue, 09 Aug 2022 01:30 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पंजाब पुलिस ने बीते एक सप्ताह के दौरान राज्य भर में एनडीपीएस एक्ट के तहत 354 एफआईआर दर्ज की हैं। इनमें 36 वाणिज्यिक मामले हैं। पुलिस ने 472 नशा तस्करों व सप्लायरों को गिरफ्तार किया है।
विज्ञापन
ड्रग तस्करी - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पंजाब में नशा तस्करों और सप्लायरों ने अपने काम को पुलिस की नजर से बचाकर जारी रखने के लिए नया तरीका खोज लिया है। नशा तस्कर अब नशे की सामग्री को लाने और ले जाने के लिए महिलाओं का इस्तेमाल करने लगे हैं। इतना ही नहीं, नशा तस्कर प्राइवेट वाहनों का इस्तेमाल करने के बजाय पब्लिक ट्रांसपोर्ट के जरिये नशे की सप्लाई करने लगे हैं। यह जानकारी सोमवार को पंजाब पुलिस मुख्यालय के आईजीपी डॉ. सुखचैन सिंह गिल ने दी।

विज्ञापन


डॉ. गिल ने बताया कि नशा सप्लायरों ने महिलाओं को इस घृणित कारोबार में शामिल करना शुरू कर दिया है। नशा तस्कर आजकल तस्करी के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट को प्राथमिकता देने लगे हैं, जिन्हें ट्रैक करने के लिए और अधिक मानवीय सतर्कता की जरूरत होती है। पंजाब पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के केसों में भगोड़े अपराधियों को गिरफ्तार करने की मुहिम के तहत बीते एक महीने के दौरान 141 भगोड़ों को धर दबोचा है।

उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस ने बीते एक सप्ताह के दौरान राज्य भर में एनडीपीएस एक्ट के तहत 354 एफआईआर दर्ज की हैं। इनमें 36 वाणिज्यिक मामले हैं। पुलिस ने 472 नशा तस्करों व सप्लायरों को गिरफ्तार किया है। इन मामलों में गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों से 5.53 किलो हेरोइन, 21.9 किलो अफीम, 21.5 किलो गांजा, 6 क्विंटल भुक्की और 1.46 लाख नशीली गोलियां/कैप्सूल/टीके/मेडिकल नशे की शीशियां बरामद करने के अलावा 23.37 लाख रुपये की ड्रग मनी भी बरामद की है। उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई पुलिस द्वारा नशा प्रभावित क्षेत्रों की घेराबंदी और तलाशी अभियान के दौरान की गई।

युवाओं को नशे से बचाने को शुरू हुई पुलिस की विशेष मुहिम

आईजीपी डा. गिल ने बताया कि सूबे में युवाओं को नशे के बुरे प्रभावों से बचाने के लिए सभी सीपी और एसएसपी द्वारा अपने-अपने जिलों में जागरूकता अभियान के तहत सार्वजनिक बैठकें, नशा प्रभावित गांवों का दौरा, सेमिनार, विधायकों-सरपंचों और काउंसिलरों के साथ साझा बैठकें करने के अलावा गैर-सरकारी संगठनों व यूथ क्लबों को शामिल कर विभिन्न गतिविधियां शुरू की गई हैं। इसके तहत बरनाला पुलिस द्वारा युवाओं को खेलों से जोड़ने और उनके शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को दुरुस्त रखने के लिए चार दिवसीय बास्केटबॉल लीग अंडर-17 (लड़के) करवाई गई है। इसी तरह मालेरकोटला पुलिस द्वारा ‘साझी सथ्थ’ के शीर्षक अधीन एक विशाल नशा विरोधी कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसके तहत प्रत्येक एसएचओ अपनी टीम, जिसमें एक महिला पुलिस अधिकारी भी शामिल है, के साथ हर रोज शाम के समय एक गांव का दौरा कर ग्रामीणों के साथ गांव की किसी भी साझी जगह पर मुलाकात करते हैं। इसके साथ ही सबसे अधिक प्रभावित या हॉटस्पॉट क्षेत्रों का दौरा भी किया जा रहा है, जिससे लोगों को नशों के बुरे प्रभावों संबंधी जागरूक किया जा सके और उनको नशों से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जा सके।

विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें