कोरोना के खतरे के मद्देनजर अब सैन्य, यूनिटों, कार्यालय और जवानों की बैरकों को आसानी से सैनिटाइज किया जा सकेगा। खासकर हाई एल्टीट्यूड एरिया में तैनात आर्मी और एयरफोर्स की वे यूनिटों व कार्यालय जहां इस वक्त सैनिटाइजेशन एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, वहां भी अब इस काम को किया जा सकेगा। इस काम के लिए डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (डीआरडीओ) ने खास पोर्टेबल बैकपैक सैनिटाइजेशन इक्यूूपमेंट तैयार किया है। उपकरण की खास बात यह है कि इसे कहीं पर भी कमर पर लादकर आसानी से ले जाया जा सकता है। यदि इस उपकरण को कमर पर लादकर काम नहीं करना है तो डीआरडीओ ने एक और विद ट्रॉली सैनिटाइजेशन उपकरण भी तैयार किया है, जिसे आसानी से कहीं भी ले जाया जा सकता है।
अफसरों का कहना है कि इस उपकरण का इस्तेमाल अस्पतालों, मेट्रो, बसों समेत उन दुर्गम और तंग इलाकों में किया जा सकता है, जहां बड़े सैनिटाइजर वाहनों का जाना संभव नहीं है। इस वक्त सैन्य क्षेत्रों में बड़े सैनिटाइजर वाहनों से इलाके को सैनिटाइज करने का काम चल रहा है, लेकिन सेना को हाई एल्टीट्यूड एरिया में इस काम को लेकर खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस एरिया में जवानों की बैरकों को यूनिटों और कार्यालयों को सैनिटाइज करने के लिए यह उपकरण कारगर साबित होंगे। एयरफोर्स और नेवी के लिए भी यह बड़े मददगार बनेंगे। दोनों तरह के ये सैनिटाइजेशन उपकरण दिल्ली पुलिस ने भी डीआरडीओ से लिए हैं।
ये है उपकरण की खासियत
- द सेंटर फॉर फायर एक्सप्लोसिव इनवायरमेंट सेफ्टी की मदद से दो तरह के बैकपैक व विद ट्रॉली सैनिटाइजेशन उपकरण तैयार किए गए।
- बैकपैक उपकरण इनकॉरपोरेट्स लो प्रेशर ट्वीन फ्लूड टेक्नोलॉजी (एयर एंड डिसइनफेक्टेंट लिक्विड) पर आधारित है।
- यह बैकपैक उपकरण 300 वर्ग मीटर एरिया को एक बार में सैनिटाइज कर सकता है।
- दूसरा हायर कैपेसिटी विद ट्रॉली वाला उपकरण सिंगल फ्लूड टेक्नोलॉजी पर आधारित है।
- विद ट्रॉली उपकरण की टैंक कैपेसिटी 50 लीटर की होगी और 15 मीटर दूरी से यह 3000 वर्ग मीटर सैनिटाइज कर सकेगा
सैनिटाइजर, मास्क भी बना रहा डीआरडीओ
कोरोना वायरस के चलते डीआरडीओ इन दिनों सैनिटाइजर व मास्क भी तैयार कर रहा है। सैनिटाइजर की सप्लाई विभिन्न फोर्सेज के साथ-साथ दिल्ली पुलिस को भी की गई है। अभी तक डीआरडीओ की ओर से 4000 लीटर सैनिटाइजर विभिन्न आर्म्ड फोर्सेस को, 1500 लीटर मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस, 300 लीटर संसद भवन के लिए और 500 लीटर अन्य सुरक्षा एजेंसियों को उपलब्ध करवाया जा चुका है। इस वक्त डीआरडीओ रोजाना 20 से 30 हज़ार लीटर सैनिटाइजर का उत्पादन कर रहा है। इसके अलावा रोजाना 10 हज़ार एन-99 मास्क भी तैयार किए जा रहे हैं। अभी तक 20,000 थ्री लेयर मास्क डीआरडीओ की ओर से दिल्ली पुलिस को उपलब्ध करवाए जा चुके हैं। जबकि एन-95 मास कभी बनाए जा रहे हैं।