सेक्टर-16 के 300 घरों के लोग बरसाती पानी की निकासी का उचित प्रबंध न होने के कारण जलजमाव की समस्या से जूझ रहे हैं। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए 2013 में हुडा ने ड्रेन बनाने की योजना बनाई थी, लेकिन निर्माण बीच में बंद कर दिया गया। 31 जुलाई और चार अगस्त को मूसलाधार बारिश से लोगों के घरों में घुटनों तक पानी भर गया था। हालांकि हर बरसात में सेक्टर-16 का यही हाल होता है।
योजना के दो साल बाद काम शुरू हुआ, छह माह बाद बंद
बरसाती पानी की निकासी के लिए ड्रेन बनाने की योजना अक्तूबर 2013 में बनाई गई थी। इस प्रोजेक्ट पर जनवरी 2015 में काम शुरू हुआ और जून में हुडा ने काम बंद कर दिया।
50 घरों में घुसता है बरसाती पानी
हर साल मूसलाधार बारिश होने पर करीब 50 घरों में बारिश का पानी घुस जाता है। बरसाती पानी की निकासी के लिए उचित प्रबंध न होने के कारण सेक्टर के करीब 300 घर बारिश के पानी से प्रभावित हैं। क्योंकि सड़कों पर भी पानी घुटनों तक भर जाता है।
तीन साल बाद भी अधर में हुडा की योजना
2013 में जलभराव से राहत दिलाने का विभाग ने दावा किया था। इसके लिए विभाग के अधिकारियों ने रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्यों के साथ दौरा कर सेक्टर का सर्वे किया था। इस दौरान बाहरी पानी को रोकने के इंतजाम के लिए योजना भी बनाई गई थी। योजना के मुताबिक, सेक्टर के एंट्री प्वाइंट में स्पीड ब्रेकर बनाए जाने थे। इसके अलावा एक ड्रेन भी बनाने की योजना थी। इस प्रोजेक्ट के लिए बाकायदा एस्टीमेट भी तैयार किया गया था, काम भी शुरू हुआ, लेकिन बीच में ही रोक दिया गया।
पुलिस पोस्ट के पास स्पीड ब्रेकर बनाने की योजना थी
आरडब्ल्यूए के सचिव सुभाष पपनेजा ने बताया कि पंचकूला सेक्टर-16 में पानी को रोकने के लिए पांच जगह स्पीड ब्रेकर बनाए जाने थे। ये स्पीड ब्रेकर पुलिस पोस्ट के पास, लेबर चौक से आने वाले पानी को रोकने के लिए। हाउस नंबर 605 के सामने 16-17 चौक से आने वाले पानी को रोकने के लिए और हाउस नंबर 89 के सामने, 16-9 की डिवाइडिंग रोड्स से आने वाले पानी को रोकने के लिए बनाए जाने थे।
ड्रेन बनाने का काम बीच में ही रोक दिया
सेक्टर-16 में सबसे ज्यादा पानी लेबर चौक की ओर से आता है। इस पानी को निकालने के लिए अग्रसेन चौक के पास ड्रेन का निर्माण कार्य शुरू किया गया, इसकी पाइप लाइन राजीव कॉलोनी के पास खुले नाले में निकाली जानी थी। इससे सेक्टर की जलभराव की समस्या पूरी तरह से खत्म हो जाती, लेकिन बीच में ही हुडा ने काम रोक दिया।
कोट्स
तीन साल पुरानी बात है, इस मामले की जानकारी नहीं है। किसी कारण से प्रोजेक्ट को रोका गया होगा।
- केएस अहलावत, एक्सईएन हुडा।