पंजाब पुलिस के इनवेस्टिगेशन ब्यूरो के निदेशक एडीजीपी सतीश कुमार अस्थाना शनिवार को अचानक दो दिन के मेडिकल अवकाश पर चले गए। इस आकस्मिक मेडिकल अवकाश के लिए विभाग को लिखे पत्र में अस्थाना ने उस बैठक से भी छूट देने का आग्रह किया है, जो मुख्यमंत्री के साथ होने वाली थी। एडीजीपी के अचानक अवकाश से कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
पंजाब पुलिस के डीजीपी के नाम भेजे अवकाश संबंधी पत्र में अस्थाना ने लिखा है कि उन्हें ह्रदय संबंधी गड़बड़ी के कारण डाक्टर ने आराम की सलाह दी है, जिसके मद्देनजर उन्हें दो दिन का मेडिकल अवकाश चाहिए। साथ ही अस्थाना ने पत्र में आग्रह किया है कि मुख्यमंत्री ने उन्हें शनिवार सुबह 9 बजे बैठक में शामिल होने के आदेश दिए थे, लेकिन स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें बैठक में शामिल होने से भी छूट दी जाए।
एडीजीपी अस्थाना के इस अवकाश को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि चूंकि ब्यूरो आफ इनवेस्टिगेशन के इस पद पर बीते कुछ ही समय के दौरान लगातार अधिकारियों को बदला गया है। अस्थाना को हाल ही में इस पद पर नियुक्त किया गया था, जबकि उनसे पहले अर्पित शुक्ला निदेशक थे। उनसे पहले एडीजीपी वरिंदर कुमार को नियुक्ति दी गई थी।
शिअद ने सरकार पर लगाया आरोप
एडीजीपी अस्थाना के अचानक अवकाश पर जाने को लेकर शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने आरोप लगाया है कि सत्तासीन नेता राज्य पुलिस पर लगातार दबाव बना रहे हैं कि शिअद नेताओं को गिरफ्तार किया जाए। अफसरों पर दबाव डालकर ऐसी गिरफ्तारियां कराने के लिए नए-नए रास्ते तलाश किए जा रहे हैं।