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डायरिया : सभी कॉलोनियों में पानी और सीवर लाइन की जांच करे विभाग, विधानसभा अध्यक्ष ने सेक्टर-1 स्थित पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में अधिकारियों को दिए निर्देश

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पंचकूला। गांव अभयपुर में तीन दिन के दौरान डायरिया के 250 मामले सामने आने पर जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है। शुक्रवार को विधानसभा अध्यक्ष ने न सिर्फ डायरिया पीड़ित क्षेत्रों का दौरा किया बल्कि अधिकारियों के साथ मीटिंग करके डायरिया को फैलने से रोकने के सख्त निर्देश दिए। हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने गांव अभयपुर में डायरिया फैलने पर लोगों की सुरक्षा को लेकर शुक्रवार को सेक्टर-1 के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में संबंधित विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में उपायुक्त विनय प्रताप सिंह मौजूद रहे। गुप्ता ने डायरिया की वजह से अभयपुर में बच्चे की मृत्यु पर संज्ञान लेकर सिविल सर्जन डॉ. मुक्ता को इस पूर मामले की जांच करवाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि अस्पताल में दाखिल डायरिया के मरीजों को तब तक डिस्चार्ज नहीं किया जाए जब तक उनकी हालत में पूरी तरह से सुधर न आ जाए। गुप्ता ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को अभयपुर में सुबह-शाम पानी के सैंपल लेने के निर्देश दिए जिससे कि पानी की गुणवत्ता की जांच की जा सके।
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उन्होंने कहा कि गांव अभयपुर में स्वच्छ पीने के पानी की कमी ना हो इसके लिये पर्याप्त संख्या में पानी के टैंकरों की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि यह देखने में आया है कि गांव अभयपुर में लोगों द्वारा अवैध तरीके से पानी की मुख्य लाइन से कई कनेक्शनों के माध्यम से पानी लिया जा रहा है। इससे पानी के दूषित होने की संभावना रहती है। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे सभी मामलों की पहचान करके दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण मकान मालिकों के घर सीधे पाइप लाइन से पानी पहुंचाएं।
उन्होंने जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे बरसात के मौसम के मद्देनजर राजीव कॉलोनी व इंदिरा कॉलोनी में भी पीने के पानी, सीवर पाइप लाइन की जांच करें। जिससे वहां दूषित पानी की वजह से डायरिया व अन्य बीमारी न फैले। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांव अभयपुर के साथ-साथ राजीव कॉलोनी, इंदिरा कॉलोनी व दूसरी बस्तियां जहां डायरिया फैलने का खतरा हो, वहां भी कैंप लगाकर लोगों की स्वास्थ्य की जांच करें और डायरिया के लक्षण मिलने पर उन्हें दवाइयां उपलब्ध करवाएं। उन्होंने कहा कि इसके साथ-साथ ऐसे सभी स्थानों पर घर-घर जाकर क्लोरीन की टेबलेट वितरित की जाए।
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