पंचकूला। धनतेरस के लिए रोशन बाजार मेें खरीदार तो आए पर धंधा गत वर्ष के मुकाबले पचास फीसदी कम हो गया। ग्राहकों ने खरीदारी की पर सिर्फ जरूरत के लिए। न तो गिफ्ट आइटम की सेल ज्यादा हो सकी न ही ज्वेलरी और बर्तनों की। दीवाली में कपड़ों की खरीदारी भी होती थी लेकिन अबकी बार पंचकूला के बाजार में कपड़ों की खरीदारी 40 फीसदी तक गिर गई। कार बाजार की सेल सप्लाई और डिमांड में उलझकर रह गई।
पंचकूला में हुई 70 से ज्यादा कारों की सेल
पंचकूला में 70 से ज्यादा कारों की डिलीवरी धनतेरस के मौके पर की गई। कार सेगमेंट एक ऐसा सेगमेंट रहा जिसमें कारों की सप्लाई कम होने की वजह से कारों की सेल कम रही। कुछ कारें ऐसी थीं जिनकी सप्लाई कंपनी द्वारा स्थानीय डीलरशिप में नहीं की गई। कार बाजार से जुड़े एक्सपर्ट रंजीव दहूजा ने बताया कि औसतन चालीस करोड़ की सेल का अनुमान है।
ज्वेलर्स का भी धंधा रहा मंदा
अबकी बार कोरोना संक्रमण के कारण ज्वेलर्स का धंधा भी पंचकूला में मंदा ही रहा। सोने और चांदी की खरीदारी धनतेरस के मौके पर शुभ मानी जाती है लेकिन ज्यादातर ज्वेलर्स ने पंचकूला में चांदी के सिक्कों के साथ ही लाइट वेट ज्वेलरी ही सेल की। पंचकूला में चालीस ज्वेलर्स हैं। पंचकूला के ज्वेलर मोहित गोयल ने बताया कि ज्वेलरी की सेल का आंकड़ा औसतन तीस करोड़ के आसपास ही रहा।
बर्तनों का धंधा भी चमक नहीं सका
अबकी बार बर्तनों का कारोबार भी चमक नहीं सका। पंचकूला में बर्तनों की दुकानों पर भीड़ तो अवश्य रही पर खरीदारी करने वालों से ज्यादा देखने वालों की तादाद रही। पंचकूला सेक्टर-9 के बर्तन विक्रेता के अनुसार धनतेरस पर लोग स्टेनलेस स्टील और चांदी के बर्तनों के साथ अन्य सामान भी खरीदते थे, लेकिन अबकी बार जरूरत का सामान ही खरीदा गया।
दीपावली के दौरान अबकी मार्केट में ग्राहक आए तो पर खरीदारी सीमित ही रही। खरीदारी भी लोगों ने जरूरत के सामनों की की। इसी वजह से पंचकूला में औसतन 70 से 80 करोड़ तक के बिजनेस का अनुमान लगाया जा सकता है। - राकेश गर्ग, इंडस्ट्री एसोसिएशन पंचकूला
दीपावली में कोरोना की वजह से बाजार को पहले भी उम्मीद कम ही थी। हालांकि जब ग्राहकों ने बाजार में आना शुरू किया तो ऐसा लगा था कि व्यापार में सत्तर फीसदी तक सुधार आ जाएगा पर ऐसा हो नहीं सका। धनतेरस पर बिजनेस गत वर्ष के मुकाबले करीब 50 फीसदी कम रहा। - रमेश अग्रवाल, अध्यक्ष, इंडस्ट्री एसोसिएशन पंचकूला