इंडस्ट्रियल एरिया की सड़कें भी अब चकाचक होने जा रही हैं। लंबे समय से पंचकूला इंडस्ट्रियल एरिया सहित अन्य सड़कें बुरी तरह से टूट चुकी थीं। लंबे अरसे के बाद लोगों को राहत मिलने जा रही है। नगर में कई जगहों पर सड़कों के निर्माण का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। रविवार को इंडस्ट्रियल एरिया की सड़कों की रीकारपेटिंग की गई।
काफी समय से इंडस्ट्रियल एरिया की सड़कें काफी खराब हो चुकी थी। गड्ढों के कारण कई बार लोग दुर्घटना के शिकार भी हो चुके हैं। उद्यमी सड़कों का मामला कई बार अपनी डिमांड में उठा चुके थे। अब उनकी यह मांग पूरी हो रही है। चिंताजनक बात ये है कि सड़क का निर्माण तो हो गया, लेकिन बरसात के समय पानी की निकासी का इंतजाम अब भी नहीं हुआ है।
लिहाजा बरसात के समय जलभराव से ये चकाचक हुई सड़कें दोबारा टूटने लगेंगी। इनेलो प्रवक्ता प्रवीण आत्रेय ने आरोप लगाया कि आनन-फानन में सड़कों के निर्माण का कार्य तो शुरू हो गया, लेकिन सड़क निर्माण से पहले पानी निकासी का उचित प्रबंध नहीं किया गया। लंबे इंतजार के बाद जनता के पैसे से बनी इन सड़कों का बारिश के पानी में खराब होना तय है। आत्रेय का आरोप है कि सरकार जनता के पैसे को बर्बाद कर रही है।
पानी की निकासी का प्रबंध होना लाजिमी : गर्ग
पंचकूला इंडस्ट्री एसोसिएशन के महासचिव राकेश गर्ग के मुताबिक सड़कों का निर्माण सरकार का अच्छा कदम है, लेकिन यहां पर पानी निकासी का प्रबंध होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब तक पानी की निकासी का प्रबंध नहीं होगा, सड़कें लंबे समय नहीं निकाल सकेंगी और फिर पुराने जैसे हालात हो जाएंगे। गर्ग का कहना है कि जिस मैटीरियल से सड़कों का निर्माण हो रहा है, उस पर सबसे ज्यादा मार पानी की ही होती है। उन्होंने मांग की कि सरकार को सड़कों के निर्माण से पहले निकासी का उचित प्रबंध जरूर कराए।
लंबे इंतजार के बाद बनी हैं सड़कें : वालिया
उद्यमी संजीव वालिया के अनुसार 10 साल के लंबे इंतजार के बाद इंडस्ट्रियल एरिया में सड़कों का निर्माण शुरू हुआ है। उन्होंने सरकार के इस कदम का स्वागत किया, लेकिन बारिश के सीजन में सड़कों पर जलभराव जैसी स्थिति में पानी की उचित निकासी का प्रबंध न किए जाने पर ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि पानी की निकासी के प्रबंध करना बेहद जरूरी है, तभी ये सड़कें ज्यादा समय तक साथ दे सकती है, वरना बारिश के बाद सड़कों के टूटने का सिलसिला शुरू हो सकता है।