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रणजीत सिंह हत्याकांड: डेरामुखी ने सीबीआई कोर्ट को हिंदी में आठ पेज की सौंपी अर्जी, सजा सुनाने के दौरान नरमी बरतने की अपील

Wed, 13 Oct 2021 04:46 AM IST
Trainee Trainee अवधेश शुक्ला, अमर उजाला, पंचकूला (हरियाणा)

सार

गुरमीत राम रहीम सिंह ने अर्जी में यह भी लिखा है कि उसने डेंगू की बीमारी में दिल्ली और मुंबई के लोगों की रक्तदान जान बचाई है। पोलियो से ग्रसित लोगों के ऑपरेशन करवाकर ठीक किया है। कानूनी रूप से किडनी दान करवाकर लोगों की जान बचाई है।
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राम रहीम - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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बहुचर्चित हत्याकांड के मुख्य दोषी डेरामुखी गुरमीत राम रहीम सिंह सीबीआई की विशेष अदालत में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पेश हुआ। उसने अपने वकील के मार्फत हिंदी में आठ पेज की अर्जी सौंपी। इसका कोर्ट ने अंग्रेजी में अनुवाद करवाया गया। सीबीआई के वरिष्ठ वकील एचपीएस वर्मा ने बताया कि डेरामुखी गुरमीत राम रहीम ने अर्जी के जरिये सजा सुनाने के दौरान कोर्ट से नरमी बरतने की अपील की। उन्होंने आईपीसी की धारा-302 के तहत सख्त से सख्त सजा देने की मांग की है।
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डेरामुखी गुरमीत राम रहीम सिंह ने अर्जी में अपनी बीमारियों और सामाजिक कार्यों का विस्तृत उल्लेख किया है। गुरमीत सिंह ने अर्जी में लिखा है कि उनकी आंखों में दिक्कत है। वह शुगर और हाई ब्लड प्रेशर की बीमारी से पीड़ित हैं। शरीर भी काफी कमजोर हो गया है। एचपीएस वर्मा ने बताया कि गुरमीत राम रहीम सिंह ने अर्जी में यह भी लिखा है कि वह राजस्थान के गुरसर मोढ़िया जिला गंगा नगर का रहने वाला है। 23 सितंबर 1990 में गुरु शाह सतनाम ने उन्हें अपनी गद्दी सौंपी थी। इसके बाद सन् 1992 में गुरु शाह सतनाम की याद में डेरे में नेत्र जांच शिविर लगाकर एक हजार से ज्यादा जरूरतमंद लोगों की आंखों का आपरेशन करवाया। 2053 लोगों को नई रोशनी प्रदान की गई। इसके अलावा शिविर लगाकर 5 लाख 40 हजार 763 लोगों को रक्त उपलब्ध करवा कर जीवन बचाया है।

 
गुरमीत राम रहीम सिंह ने अर्जी में यह भी लिखा है कि उसने डेंगू की बीमारी में दिल्ली और मुंबई के लोगों की रक्तदान जान बचाई है। पोलियो से ग्रसित लोगों के ऑपरेशन करवाकर ठीक किया है। कानूनी रूप से किडनी दान करवाकर लोगों की जान बचाई है। वर्ष 2001 में गुजरात में आए भूकंप के बाद डेरे के सेवादारों ने घर-घर जाकर गांवों में राशन बांटा है।
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यह भी पढ़ें: सीबीआई कोर्ट से न्याय की उम्मीद: मीडिया के सामने आए रणजीत सिंह हत्याकांड के मुख्य गवाह, कहा-मेहनत व्यर्थ नहीं जाएगी


वर्ष 2015 में नेपाल में आए भूकंप से पीड़ित लोगों की मदद की। इलाज करवाया और उनके रहने की भी व्यवस्था की। पर्यावरण बचाने के लिए कई शहरों में सफाई और पौधरोपण अभियान भी चलाकर 4 करोड़ 61 लाख 75 हजार 393 पौधे लगाए हैं। 350 अनाथ बच्चियों की मुफ्त में शिक्षा दिलवाई है। 21 लड़कियों की शादी करवाई है। गरीब, विधवा और जरूरतमंद 2500 परिवार के घर बनवाए हैं। 

मैंने खट्टा सिंह को न धमकी दी और न ही मेडल
रणजीत सिंह हत्याकांड में दोषी करार दिए गए डेरामुखी गुरमीत राम रहीम सिंह ने अपनी अर्जी में लिखा है कि केस के मुख्य गवाह खट्टा सिंह को न तो कभी धमकी दी है और न ही मेडल दिए हैं। उसने लिखा है कि उसे टीवी देखने से पता चला है कि खट्टा सिंह की गवाही पर तीन बार दोषी ठहराया जा चुका है। मेरे ऊपर धमकाने का आरोप गलत लगाया गया है। 
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मैं 25 साल की आयु से शुगर और ब्लड प्रेशर का मरीज हूं
गुरमीत राम रहीम सिंह ने आठ पेज की अर्जी में अंत में लिखा है कि वह 25 साल की आयु से ही शुगर और ब्लड प्रेशर की बीमारी से पीड़ित है। इसके अलावा वर्तमान में किडनी स्टोन, थायराइड और पेट में अलसर की समस्या है। इसकी वह लगातार दवा ले रहे हैं। इस आधार पर सजा सुनाने के दौरान नरमी बरती जाए। गुरमीत राम रहीम सिंह ने लिखा है
कि उसे भारत के कानून व्यवस्था पर पूरा विश्वास है। रणजीत सिंह हत्याकांड में उसकी कोई भूमिका नहीं है।
 
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