जिले में डेंगू ने पांव पसारना शुरू कर दिया है। पिंजौर और ओल्ड पंचकूला से एक-एक केस सामने आए हैं। मलेरिया विंग के अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है। इन जगहों पर स्वास्थ्य विभाग की मलेरिया विंग की टीम ने एंटी लारवा दवा का छिड़काव करवा दिया है।
बता दें कि मच्छर जनित बीमारियों (डेंगू और मलेरिया) के सबसे ज्यादा मामले ओल्ड पंचकूला से आए हैं। इसकी वजह खुले में रखे टायर और पीडब्लूडी कार्यालय कैंपस में खुले में रखे ड्रम हैं। यहां पर स्वास्थ्य विभाग टीम को डेंगू और मलेरिया के लारवा भी मिले थे। इसके बाद भी लापरवाही बरती जा रही है। अब तक न तो टायर हटवाए गए और न ही ड्रम।
पांच जगह मिले डेंगू के लारवा
पंचकूला में पांच जगह पर डेंगू के लारवा मिले हैं। जानकारी के मुताबिक, पंचकूला सेक्टर-11 के लाल क्वार्टर्स में, पंचकूला सेक्टर-17 के इलेक्शन ऑफिस के कूलरों में, नार्थ पार्क होटल के पास, ओल्ड पंचकूला के पास चौकी गांव में और स्वास्थ्य विभाग की मलेरिया विंग की टीम को डेंगू के लारवा मिले हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीम मुस्तैद
डेंगू को लेकर स्वास्थ्य विभाग की मलेरिया विंग ने कमर कस ली है। विभाग ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में डेंगू के प्रति लोगों को जागरूक करना शुरू कर दिया है। डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. नवजोत टीवाना ने बताया कि डेंगू के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है। टीम की ओर से लोगों को बताया जा रहा है कि डेंगू के लारवा साफ पानी में पनपते हैं। ज्यादा दिनों तक पानी को स्टोर न करें। अगर किसी कारण से पानी को स्टोर किया गया है तो एक सप्ताह में उसे सूखे जगह पर बहा दें। ये पानी किसी नाली में न बहाएं। नाली में भी डेंगू के लारवा पनप सकते हैं। हर हफ्ते वाटर कूलर का पानी बदलें।
ऐसे होता है डेंगू
डेंगू बुखार जिसे हड्डी तोड़ बुखार के नाम से भी जाना जाता है। यह रोग एक व्यक्ति से दूसरे में नहीं जाता, बल्कि किसी संक्रमित व्यक्ति को एडीज इजिप्टी मच्छरों के काटे जाने और फिर उस मच्छर के द्वारा किसी दूसरे व्यक्ति को काटने से फैलता है। यह बीमारी वयस्कों के मुकाबले बच्चों में अधिक तीव्रता से पहुंचता है।
डेंगू बुखार के लक्षण
- अचानक तेज बुखार का होना
- सिर के आगे वाले हिस्से में जोर का दर्द होना
- आंखों के पिछले हिस्से में दर्द, जोड़ो में दर्द
- भूख न लगना
- जी मितलाना, उल्टी आना
- छाती व ऊपर के हिस्सों में दानों का निकलना