बचपन से सड़क सुरक्षा के संस्कार देने पर जोर, योग कक्षाओं के साथ विशेष पीरियड शुरू करने की अपील
संवाद न्यूज एजेंसी
रामगढ़। हिंद संग्राम परिषद (पंजीकृत) ने केंद्र और राज्य सरकारों से सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों में योग कक्षाओं के साथ ट्रैफिक नियमों की व्यावहारिक शिक्षा अनिवार्य करने की मांग की है। परिषद का कहना है कि विद्यार्थियों को बचपन से सड़क सुरक्षा के नियमों की जानकारी देने से जिम्मेदार नागरिक तैयार होंगे और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकेगी।
परिषद के अध्यक्ष एडवोकेट जगपाल सिंह, महासचिव विक्रांत शर्मा और वित्त सचिव निष्काम चतरथ ने संयुक्त बयान में कहा कि ट्रैफिक नियमों की शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। विद्यार्थियों को ट्रैफिक संकेतों, हेलमेट और सीट बेल्ट के महत्व, सुरक्षित सड़क पार करने के तरीकों तथा यातायात नियमों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाना चाहिए। इसके लिए यातायात पुलिस और विशेषज्ञों के सहयोग से नियमित कार्यशालाएं और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण यातायात नियमों के प्रति जागरूकता की कमी है। यदि स्कूल स्तर पर ही बच्चों को नियमों का पालन करना सिखाया जाए तो भविष्य में दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। परिषद ने ट्रैफिक नियमों की शिक्षा के लिए स्कूलों में अलग से एक पीरियड निर्धारित करने की मांग भी उठाई।
परिषद ने बताया कि वर्षा ऋतु के दौरान एक पौधा शहीदों के नाम अभियान को भी आगे बढ़ाया जाएगा। इसके तहत विभिन्न क्षेत्रों में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जाएगा। परिषद ने नागरिकों, सामाजिक संगठनों, युवाओं और विद्यार्थियों से अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की।
सहसचिव डॉ. सीमा गुप्ता, उपाध्यक्ष वासुदेव शर्मा और संगठन सचिव अवतार सैनी ने विश्वास जताया कि योग, सड़क सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर समाज और सरकार के संयुक्त प्रयास देश को अधिक स्वस्थ, सुरक्षित और जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।