2023 में पुल क्षतिग्रस्त होने पर लोगों को तय करनी पड़ी थी 10 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी, नया पुल बनने से हजारों लोगों को मिलेगी राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। अमरावती क्षेत्र में बढ़ते यातायात दबाव और लगातार हो रहे निर्माण कार्यों को देखते हुए अमरावती पुल के समानांतर एक और पुल बनाने की मांग तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्तमान में क्षेत्र का अधिकांश यातायात एक ही पुल से होकर गुजरता है। ऐसे में किसी भी कारण से पुल पर आवागमन बाधित होने पर लोगों को लंबा वैकल्पिक रास्ता तय करना पड़ता है।
वर्ष 2023 में अमरावती पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए करीब 10 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ी थी। उस समय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था। स्थानीय निवासियों का कहना है कि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए पुल के समानांतर दूसरा मार्ग तैयार करना जरूरी है।
अमरावती क्षेत्र में ट्राइडेंट, डीएलएफ और अन्य इलाकों में तेजी से विकास कार्य चल रहे हैं। इसके चलते आने वाले समय में यहां आबादी और वाहनों की संख्या बढ़ने की संभावना है। लोगों का कहना है कि दूसरा पुल बनने से यातायात दो मार्गों में विभाजित हो जाएगा, जिससे मौजूदा पुल पर दबाव कम होगा और जाम की समस्या से भी राहत मिलेगी।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि क्षेत्र की भविष्य की जरूरतों को देखते हुए जल्द से जल्द नए पुल के निर्माण की योजना तैयार की जाए। उनका कहना है कि बढ़ते शहरीकरण के बीच मजबूत यातायात व्यवस्था समय की जरूरत है।
कोट
2023 में पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद लोगों को करीब 10 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ी थी। दूसरा पुल बनने से एक पुल पर निर्भरता कम होगी और आपात स्थिति में लोगों के पास वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध रहेगा।
- भारत भूषण बंसल, अमरावती
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अमरावती क्षेत्र में लगातार निर्माण कार्य हो रहे हैं। आने वाले समय में वाहनों की संख्या और बढ़ेगी। नया पुल बनने से यातायात दो मार्गों पर बंटेगा, जिससे जाम कम होगा और लोगों का समय भी बचेगा।
- राकेश कुमार