पंचकूला। हरियाणा की कार्यकारी राजधानी पंचकूला, जो चंडीगढ़, पंजाब और हिमाचल की सीमा पर बसी ट्राइसिटी का अहम हिस्सा है, इन दिनों बढ़ते अपराधों से जूझ रही है। स्नैचिंग, सेंधमारी, डकैती और चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इससे शहरवासी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि शहर में पुलिस बल की भारी कमी है, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पंचकूला जैसे वीआईपी और वीवीआईपी संस्कृति वाले शहर में पुलिस का ज्यादातर बल सुरक्षा ड्यूटी में लगा रहता है, जबकि आम लोगों की सुरक्षा उपेक्षित हो गई है। बदमाश इस स्थिति का फायदा उठाकर अपराध करके पड़ोसी राज्यों या ट्राइसिटी के दूसरे इलाकों में फरार हो जाते हैं।
नागरिक कल्याण संघ के अध्यक्ष एसके नैय्यर, महासचिव सुनील जैन, सचिव केआर कोली और प्रेस सचिव तरसेम गर्ग सहित अन्य सदस्यों ने मुख्यमंत्री, डीजीपी, पुलिस आयुक्त और उपायुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए पंचकूला में पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन-चार दशकों से यह मांग की जा रही है, लेकिन अब स्थिति असहनीय हो गई है। संगठन ने यह भी मांग की है कि पुलिस बल में वीआईपी सुरक्षा के लिए तैनात स्टाफ को आम जनता की सुरक्षा से अलग रखा जाए। इसके साथ ही शहर में रात्रि गश्त को बढ़ाया जाए और सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बरती जाए। सबसे अहम मुद्दा सेक्टर-15 की पुलिस चौकी का है, जिसे हाल ही में यह कहकर हटा दिया गया कि वहां कोई अपराध नहीं हो रहा। लेकिन स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह फैसला बेहद गैरजिम्मेदाराना है, क्योंकि यह सेक्टर शहर के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में शामिल है और यहां करीब 20,000 लोग रहते हैं। उन्होंने मांग की है कि इस चौकी को तुरंत बहाल किया जाए ताकि क्षेत्र में अपराध पर लगाम लगाई जा सके और लोग खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।