उल्लेखनीय है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) ने शनिवार को सभी राज्यों में लॉकडाउन को काफी हद तक खोलने के लिए निर्देश जारी किए थे। इसके तहत ग्रामीण इलाकों में मॉल आदि को छोड़कर बाकी सभी दुकानें खोलने का फैसला लिया गया है, जबकि शहरी इलाकों में नगरपालिका क्षेत्रों में बाजार खोलने की छूट दी गई है।
हालांकि एमएचए ने कोविड-19 के मापदंड के तहत कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित किए गए इलाकों को पूरी तरह बंद रखने की हिदायत भी दी है। लेकिन पंजाब में चूंकि लाकडाउन के साथ ही कर्फ्यू भी लागू है, राज्य सरकार ने कर्फ्यू में किसी तरह की ढील देने से इंकार करते हुए एमएचए द्वारा जारी निर्देशों पर फैसला फिलहाल 30 अप्रैल तक टाल दिया है।
विशेषज्ञ कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर खोला जाएगा लॉकडाउन
दरअसल, मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को उद्योगपतियों, अर्थशास्त्रियों और विभिन्न देशों के राजदूतों के साथ वेबिनार के दौरान यह स्पष्ट कर दिया था कि राज्य को लॉकडाऊन के हालात से बाहर निकालने की रणनीति तैयार करने के लिए गठित 20 सदस्यीय कमेटी की रिपोर्ट के आधार ही यह फैसला लेंगे कि लॉकडाउन के दौरान किन क्षेत्रों को छूट दी जाए।
यह कमेटी शनिवार को अपनी रिपोर्ट पेश करने वाली थी लेकिन कमेटी के सदस्यों ने आज मुख्यमंत्री के साथ विभिन्न मुद्दों पर विचार विमर्श किया और रिपोर्ट तीन दिन बाद पेश किए जाने की बात कही। लॉकडाउन में ढील से संबंध में मुख्यमंत्री का कहना है, ‘मेरे लिए पंजाबियों की जान बहुत महत्वपूर्ण है। फैक्टरियां फिर शुरू की जा सकती हैं लेकिन हम लोगों को वापस नहीं ला सकते। अगर विशेषज्ञ कमेटी, जिसमें मेडिकल विशेषज्ञ और डॉक्टर भी शामिल हैं, आंशिक रूप या पूरा खोलने की सिफारिश करेंगे, तो हम ऐसा ही करेंगे। मैं उनकी सलाह के साथ जाऊंगा।’