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डायरिया का खतरा : इजाजत 35 की, कब्जा कर बना लिया 100-100 गज में 400 मकान

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माई सिटी रिपोर्टर
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पंचकूला। सेक्टर-19 में हर साल डायरिया का खतरा बना रहता है। इसका मुख्य वजह है, पहले जहां हाउसिंग बोर्ड के 400 मकानों के दायरे 35 गज थे। आज कब्जा के चलते 100 गज तक पहुंच गए हैं। पहले जहां लोग एक कमरे में रहते थे, आज वहां तीन कमरे बन गए हैं। यहां अतिक्रमण का दायरा एक मंजिल तक नहीं है, सिमटा बल्कि यह सिलसिला तीनों मंजिल तक जारी है, लेकिन सेक्टर के अंदर लगातार हो रहे अतिक्रमण को रोकने की जिम्मेदारी किसकी है, यह संबंधित विभाग तय नहीं कर पाए हैं। अवैध निर्माण पर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण और हाउसिंग बोर्ड के अधिकारी एक दूसरे पर पल्ला झाड़ रहे हैं। जिसके चलते हर साल सेक्टर-19 के 800 मकानों में रहने वाले लोगों को डायरिया जैसी बीमारी का सामना करना पड़ता है।

39 साल पहले डाली थी 4 इंच सीवर पाइप लाइन
39 साल पहले 1985 में हाउसिंग बोर्ड ने सेक्टर-19 में 35 गज में एक-एक कमरे का मकान बनाकर लोगों को बेचा था। उस समय चार इंच की सीवर की पाइप लाइन डाली गई थी। उस समय सेक्टर की आबादी कम थी। पहले जहां 35 गज के तीन मंजिल के एक कमरे के मकान में दो से तीन लोग रहते थे। आज उसी 35 गज के जगह पर एक कमरा बेड़ा और दूसरा हाउसिंग बोर्ड का और तीसरा लोगों ने सड़क पर कब्जा कर 100 गज में निर्माण कर लिया है। कुल मिलाकर पहले जहां एक कमरे में एक से दो लोग रहते थे, अब तीन कमरों में पांच से आठ लोग रहते हैं। सेक्टर की आबादी तो बढ़ गई, लेकिन सीवरेज का पाइप लाइन आज भी वहीं का वहीं है।
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50 से ज्यादा मकानों में अवैध कनेक्शन
सेक्टर-19 में जांच के बाद अभी दो मकानों में एचएसवीपी को अवैध कनेक्शन मिले हैं। लोगों ने कमरों में सीवरेज और पानी का पाइप लाइन दबा रखा है। अगर जांच की जाए तो 50 से ज्यादा मकानों में अवैध कनेक्शन मिलेंगे। सेक्टर-19 में सैकड़ों परिवार खतरे के मुहाने पर बैठे हैं। मकानों से बिल्कुल सटी 11 हजार और 440 वोल्ट की तारेें गुजर रही हैं। इनमें एक भी बिजली की तार जमीन पर गिरी तो सैकड़ों परिवारों के लिए खतरा बन सकता है। इसके जिम्मेदार संबंधित विभाग और स्थानीय लोग भी हैं, क्योंकि जो बिजली के पोल लोगों के घरों के बाहर थे, अवैध निर्माण के चलते लोगों के घरों तक पहुंच गए हैं और सीवरेज और पानी व ड्रेनेज का पाइप लाइन लोगों के कमरों तक तक पहुंच गया है।


सेक्टर-19 में सीवरेज और पानी के पाइप लाइन की जिम्मेदारी एचएसवीपी की है। अतिक्रमण हाउसिंग बोर्ड की जगह पर हुआ है। इसे हटाना हमारा काम नहीं है। - रोहतास हुड्डा, एक्सईएन एचएसवीपी पंचकूला।
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सेक्टर-19 अतिक्रमण के चलते डायरिया फैला है। यह मामले मेरे संज्ञान में नहीं है। सोमवार को मामले की जांच के बाद ही कुछ बता पाऊंगा। - बलबीर, स्टेट मैनेजर हाउसिंग बोर्ड।
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