रणजीत हत्याकांड इन धाराओं के तहत सुनाई गई सजा
1. डेरामुखी गुरमीत राम रहीम सिंह को कोर्ट ने आईपीसी की धारा-302 (हत्या), 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र रचना) और 506(धमकी देना) की धाराओं के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई । इसमें हत्या और आपराधिक षड्यंत्र के तहत उम्रकैद की सजा और 30 लाख जुर्माना लगाया गया। इसमें धमकी देने और षड्यंत्र रचने की धारा के तहत 1 लाख का जुर्माना लगाया गया। कुल जुर्माना 31 लाख रुपये लगाया गया। यह जुर्माना नहीं भर पाने की हालत में 2.5 साल की सजा अतिरिक्त काटनी पड़ेगी।
2. कृष्ण कुमार को कोर्ट ने आईपीसी की धारा-302 (हत्या), 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र रचना) और 506 (धमकी देना) की धाराओं के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई। इसमें हत्या और आपराधिक षड्यंत्र के तहत उम्रकैद की सजा और एक लाख जुर्माना लगाया गया। इसमें धमकी देने और षड्यंत्र रचने की धारा के तहत 25 हजार का जुर्माना लगाया गया। कृष्ण कुमार पर 1.25 लाख का जुर्माना लगाया गया। जुर्माना नहीं भर पाने की हालत में 2.5 साल की सजा अतिरिक्त काटनी पड़ेगी।
3. सबदिल सिंह को कोर्ट ने आईपीसी की धारा-302 (हत्या), 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र रचना) और 506(धमकी देना) और 27 आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसमें हत्या और आपराधिक षड्यंत्र के तहत उम्रकैद की सजा और एक लाख जुर्माना लगाया गया। इसमें धमकी देने और षड्यंत्र रचने की धारा के तहत 25 हजार का जुर्माना लगाया गया है। वहीं आर्म्स एक्ट की धारा के तहत 25 हजार का जुर्माना लगाया गया। सबदिल पर कुल 1.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। जुर्माना नहीं भर पाने की हालत में 3 साल की सजा अतिरिक्त काटनी पड़ेगी।
4. जसवीर सिंह को धारा-302 (हत्या), 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र रचना) और 506(धमकी देना) की धाराओं के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई । इसमें हत्या और आपराधिक षड्यंत्र रचने पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसमें धमकी देने की धारा के तहत 25 हजार का जुर्माना लगाया गया। इन पर कुल 1.25 लाख का जुर्माना लगाया गया है। यह जुर्माना नहीं भर पाने की हालत में 2.5 साल की सजा अतिरिक्त काटनी पड़ेगी।
5. अवतार सिंह को धारा-302 (हत्या), 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र रचना) और 506 (धमकी देना) की धाराओं के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई । इसमें हत्या और आपराधिक षड्यंत्र रचने पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसमें धमकी देने पर 25 हजार का जुर्माना लगाया गया। इस पर कुल 75000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। यह जुर्माना नहीं भर पाने की हालत में 2.5 साल की सजा अतिरिक्त काटनी पड़ेगी।
रणजीत सिंह हत्याकांड के हाइलाइटर
- दो साध्वियों के यौन शोषण मामले में 28 अगस्त 2017 को सीबीआई की विशेष अदालत ने 10-10 साल की सजा सुनाई थी।
- दोषी ठहराए जाने पर डेरामुखी सीबीआई की विशेष अदालत में रो पड़ा था। उसे पंचकूला से रोहतक की सुनारिया जेल पहुंचाया गया था।
- पंजाब, हरियाणा और राजस्थान समेत पांच राज्यों में हिंसा भड़क गई थी। इसमें 31 लोगों की मौत और 250 लोग घायल हो गए थे।
- 10 जुलाई 2002 को डेरा के मैनेजर रहे रणजीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। वह हरियाणा के कुरुक्षेत्र के रहने वाले थे। रणजीत को डेरामुखी के काफी करीब माना जाता था। इस मामले में एफआईआर रणजीत के बेटे जगसीर ने दर्ज कराई थी।
- डेरा प्रबंधन को शक था कि रणजीत सिंह ने साध्वी यौन शोषण की गुमनाम चिट्ठी अपनी बहन से ही लिखवाई थी।
- जनवरी 2003 में रणजीत सिंह के बेटे ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी। हाईकोर्ट ने उनके बेटे के पक्ष में फैसला सुनाकर केस सीबीआई को सौंप दिया था।
- पांच साल की कवायद के बाद 2007 में कोर्ट ने मामले में आरोप तय किए।
- रणजीत सिंह हत्याकांड का मामला 14 साल तक तारीख दर तारीख चलता रहा है। 21 अगस्त 2021 को बचाव पक्ष की अंतिम बहस पूरी हुई थी।
- 26 अगस्त 2021 को कोर्ट ने मामले की फाइनल सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था।
- 8 अक्तूबर 2021 को रणजीत सिंह हत्या मामले में सीबीआई कोर्ट ने सुनारिया जेल में बंद राम रहीम के साथ कृष्ण लाल, सबदिल, अवतार और जसबीर को दोषी करार दिया है। वहीं, इस केस के एक आरोपी इंदरसैन की मौत हो चुकी है।
- रणजीत सिंह हत्याकांड में तीन गवाह महत्वपूर्ण थे। इनमें दो चश्मदीद गवाह सुखदेव सिंह और जोगिंद्र सिंह ने कहा था कि उन्होंने आरोपियों को रंजीत सिंह पर गोली चलाते देखा था। वहीं, इस मामले का तीसरा गवाह डेरा मुखी का ड्राइवर खट्टा सिंह था, जिसके सामने रंणजीत को मारने की साजिश रची गई थी। पहले उसने कहा था कि गुरमीत राम रहीम ने उसके सामने ही रणजीत को मारने के लिए कहा था, लेकिन कोर्ट में वह अपने बयान से मुकर गया था।
- डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम का ड्राइवर खट्टा सिंह कुछ साल बाद फिर से कोर्ट में पेश हुआ और रणजीत सिंह के पक्ष में गवाही दी। उसकी गवाही के बाद ही कोर्ट ने मामले में सजा सुनाई है।