फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ranjit Singh Murder Case: सजा पाने के बाद राम रहीम ने जेल में वीडियो संदेश बनाने की इजाजत मांगी, कोर्ट ने की खारिज

Tue, 19 Oct 2021 05:25 AM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, पंचकूला

सार

बहुचर्चित रणजीत सिंह हत्याकांड में सोमवार को सीबीआई की विशेष कोर्ट ने डेरामुखी गुरमीत राम रहीम सहित पांचों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने गुरमीत राम रहीम को उम्रकैद की सजा सुनाने के साथ ही 31 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। 
विज्ञापन
राम रहीम को सजा - फोटो : Amar Ujala Digital
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बहुचर्चित रणजीत सिंह हत्याकांड मामले में उम्रकैद की सजा पाने के बाद भी डेरामुखी राम रहीम ने कोर्ट में अजीबोगरीब मांग करता रहा। सुनवाई के दौरान राम रहीम ने जेल में वीडियो संदेश बनाने की इजाजत मांगी। राम रहीम ने कहा कि वह बहुत बड़ा परोपकारी है। लाखों लोगों का नशा छुड़वा चुका है।

विज्ञापन


इसलिए उसे इजाजत दी जाए कि जेल के अंदर से अपने उपदेश का वीडियो बनाकर लाखों भक्तों को परोपकार का संदेश दे सके। राम रहीम की इस मांग पर जज ने कहा, मेरा काम इस मामले में आज तक था। कैदी राज्य का मसला होता है। जेल मैनुअल से गाइड होता है। इस बारे में कोई भी फैसला जेल अथॉरिटी या राज्य सरकार ही ले सकती है। इसके साथ ही जज ने मांग को खारिज कर दिया।

सीबीआई के वरिष्ठ वकील केपी सिंह ने बताया कि डेरामुखी ने अपने वकील के मार्फत हिंदी में आठ पेज की अर्जी भी सौंपी थी। अर्जी के जरिए सजा सुनाने के दौरान नरमी बरतने की अपील की थी। उसने अर्जी में बीमारियों और सामाजिक कार्यों का उल्लेख किया था। अर्जी में लिखा था कि उसकी आंखों में दिक्कत है। वह शुगर और हाई ब्लड प्रेशर की बीमारी से पीड़ित हैं।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: कुंडली बॉर्डर हत्याकांड: किसान नेता बोले-निहंगों को हमने नहीं बुलाया, वापस जाने का फैसला वही लेंगे

शरीर भी काफी कमजोर हो गया है। वह राजस्थान के गुरसर मोड़िया, जिला गंगा नगर का रहने वाला है। 23 सितंबर 1990 में गुरु शाह सतनाम ने उन्हें अपनी गद्दी सौंपी थी। इसके बाद सन 1992 में गुरु शाह सतनाम की याद में डेरे में नेत्र जांच शिविर लगाकर एक हजार से ज्यादा जरूरतमंद लोगों की आंखों का आपरेशन करवाया। 2053 लोगों को नई रोशनी प्रदान की गई। इसके अलावा शिविर लगाकर 5 लाख 40 हजार 763 लोगों को रक्त उपलब्ध करवा कर जीवन बचाया है।

रणजीत हत्याकांड इन धाराओं के तहत सुनाई गई सजा 
1. डेरामुखी गुरमीत राम रहीम सिंह  को कोर्ट ने आईपीसी की धारा-302 (हत्या), 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र रचना) और 506(धमकी देना) की धाराओं के  तहत  उम्रकैद की सजा सुनाई । इसमें हत्या और आपराधिक षड्यंत्र के तहत उम्रकैद की सजा और 30 लाख जुर्माना लगाया गया। इसमें धमकी देने और षड्यंत्र रचने की धारा के तहत 1 लाख का जुर्माना लगाया गया।  कुल जुर्माना 31 लाख रुपये लगाया गया। यह जुर्माना नहीं भर पाने की हालत में 2.5 साल की सजा अतिरिक्त काटनी पड़ेगी। 

2. कृष्ण कुमार को कोर्ट ने आईपीसी की धारा-302 (हत्या), 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र रचना) और 506 (धमकी देना) की धाराओं के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई। इसमें हत्या और आपराधिक षड्यंत्र के तहत उम्रकैद की सजा और एक लाख जुर्माना लगाया गया। इसमें धमकी देने और षड्यंत्र रचने की धारा के तहत 25 हजार का जुर्माना लगाया गया। कृष्ण कुमार पर 1.25 लाख का जुर्माना लगाया गया। जुर्माना नहीं भर पाने की हालत में 2.5 साल की सजा अतिरिक्त काटनी पड़ेगी। 

3. सबदिल सिंह को कोर्ट ने आईपीसी की धारा-302 (हत्या), 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र रचना) और 506(धमकी देना) और 27 आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसमें हत्या और आपराधिक षड्यंत्र के तहत उम्रकैद की सजा और एक लाख जुर्माना लगाया गया। इसमें धमकी देने और षड्यंत्र रचने की धारा के तहत 25 हजार का जुर्माना लगाया गया है। वहीं आर्म्स एक्ट की धारा के तहत 25 हजार का जुर्माना लगाया गया। सबदिल पर कुल 1.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। जुर्माना नहीं भर पाने की हालत में 3 साल की सजा अतिरिक्त काटनी पड़ेगी। 

4. जसवीर सिंह को धारा-302 (हत्या), 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र रचना) और 506(धमकी देना) की धाराओं के  तहत  उम्रकैद की सजा सुनाई । इसमें हत्या  और आपराधिक षड्यंत्र रचने पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसमें धमकी देने की धारा के तहत 25 हजार का जुर्माना लगाया गया। इन पर  कुल 1.25 लाख का जुर्माना लगाया गया है।  यह जुर्माना नहीं भर पाने की हालत में 2.5 साल की सजा अतिरिक्त काटनी पड़ेगी।

5. अवतार सिंह को धारा-302 (हत्या), 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र रचना) और 506 (धमकी देना) की धाराओं के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई । इसमें हत्या और आपराधिक षड्यंत्र रचने पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसमें धमकी देने पर 25 हजार का जुर्माना लगाया गया। इस पर कुल 75000 रुपये  का जुर्माना लगाया गया है। यह जुर्माना नहीं भर पाने की हालत में 2.5 साल की सजा अतिरिक्त काटनी पड़ेगी।
विज्ञापन

रणजीत सिंह हत्याकांड के हाइलाइटर 
- दो साध्वियों के यौन शोषण मामले में 28 अगस्त 2017 को सीबीआई की विशेष अदालत ने 10-10 साल की सजा सुनाई थी। 
- दोषी ठहराए जाने पर डेरामुखी सीबीआई की विशेष अदालत में रो पड़ा था। उसे पंचकूला से रोहतक की सुनारिया जेल पहुंचाया गया था।
- पंजाब, हरियाणा और राजस्थान समेत पांच राज्यों में हिंसा भड़क गई थी। इसमें 31 लोगों की मौत और 250 लोग घायल हो गए थे।
- 10 जुलाई 2002 को डेरा के मैनेजर रहे रणजीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। वह हरियाणा के कुरुक्षेत्र के रहने वाले थे। रणजीत को डेरामुखी के काफी करीब माना जाता था। इस मामले में एफआईआर रणजीत के बेटे जगसीर ने दर्ज कराई थी। 
- डेरा प्रबंधन को शक था कि रणजीत सिंह ने साध्वी यौन शोषण की गुमनाम चिट्ठी अपनी बहन से ही लिखवाई थी। 
- जनवरी 2003 में रणजीत सिंह के बेटे ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी। हाईकोर्ट ने उनके बेटे के पक्ष में फैसला सुनाकर केस सीबीआई को सौंप दिया था।
- पांच साल की कवायद के बाद 2007 में कोर्ट ने मामले में आरोप तय किए। 
- रणजीत सिंह हत्याकांड का मामला 14 साल तक तारीख दर तारीख चलता रहा है। 21 अगस्त 2021 को बचाव पक्ष की अंतिम बहस पूरी हुई थी। 
- 26 अगस्त 2021 को कोर्ट ने मामले की फाइनल सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। 
- 8 अक्तूबर 2021 को रणजीत सिंह हत्या मामले में सीबीआई कोर्ट ने सुनारिया जेल में बंद राम रहीम के साथ कृष्ण लाल, सबदिल, अवतार और जसबीर को दोषी करार दिया है। वहीं, इस केस के एक आरोपी इंदरसैन की मौत हो चुकी है।
- रणजीत सिंह हत्याकांड में तीन गवाह महत्वपूर्ण थे। इनमें दो चश्मदीद गवाह सुखदेव सिंह और जोगिंद्र सिंह ने कहा था कि उन्होंने आरोपियों को रंजीत सिंह पर गोली चलाते देखा था। वहीं, इस मामले का तीसरा गवाह डेरा मुखी का ड्राइवर खट्टा सिंह था, जिसके सामने रंणजीत को मारने की साजिश रची गई थी। पहले उसने कहा था कि गुरमीत राम रहीम ने उसके सामने ही रणजीत को मारने के लिए कहा था, लेकिन कोर्ट में वह अपने बयान से मुकर गया था।
- डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम का ड्राइवर खट्टा सिंह कुछ साल बाद फिर से कोर्ट में पेश हुआ और रणजीत सिंह के पक्ष में गवाही दी। उसकी गवाही के बाद ही कोर्ट ने मामले में सजा सुनाई है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें