घर से सब्जी लेने गए एक व्यक्ति को कुछ युवकों ने कहानी सुनाकर झांसे में फंसा लिया और उसे 10 हजार रुपये की रद्दी हाथ में थमाकर दो हजार रुपये ठगकर फरार हो गए। ठगी का पता उसे तब चला जब उसने नोटों के बंडल को चेक किया। बंडल के ऊपर और नीचे सौ-सौ के नोट थे, बाकी कागज की रद्दी लगी हुई थी। शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात युवकों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दशमेश कालोनी निवासी मुकेश कुमार ने बताया कि रविवार को वह पिंजौर बाजार में सब्जी लेने गया था। सरकारी स्कूल वाली गली में एक अनजान व्यक्ति ने उससे बातचीत करनी शुरू कर दी। इसी बीच गोपाल नाम का एक युवक आया। उसने कहा कि वह नेपाल का रहने वाला है और परवाणू में कोठी में काम करता था। मालिक ने उसे 6 महीने से पगार नहीं दी तो वह 10 हजार रुपये चोरी करके नेपाल जा रहा है।
युवक गोपाल ने कहानी सुनाते हुए कहा कि वह बार्डर पार नहीं कर पाएगा, क्योंकि बार्डर चेकिंग के दौरान पुलिस उसे पकड़ लेगी। युवक ने बताया कि अब तक मालिक ने नोटों के नंबर पुलिस को दे दिए होंगे। युवक ने बात करते हुए सौ सौ रुपये का गड्डी भी दिखाई। शिकायतकर्ता ने बताया कि जो व्यक्ति पहले से उसके साथ खड़ा था उसने कहा कि हम मिलकर गोपाल को 4 हजार रुपये किराए भाड़े के दे देते हैं और 10 हजार रुपये लेकर बांट लेंगे।
शिकायतकर्ता ने बताया कि वह झांसे में आकर उसने और पहले से बातचीत कर रहे व्यक्ति ने 4 हजार रुपये गोपाल को दे दिए। इसके बाद वहां तीन युवक आए। पहले से बात करने वाले व्यक्ति ने उसे 10 हजार की गड्डी थमा कर कहा कि वह अभी आ रहा है। काफी इंतजार के बाद कोई नहीं आया तो उसने नोटों की गड्डी देखी। इसके बाद ठगी की शिकायत पुलिस को दी। शिकायतकर्ता ने गोपाल के साथ साथ अन्य चार युवकों के खिलाफ शिकायत दी है। पुलिस ने आरोपी गोपाल के साथ साथ अन्य
चार युवकों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।