रेलवे स्टेशन पर ट्रैफिक पुलिस की मंगलवार सुबह दबंगई देखने को मिली। सुबह 10 से 11 बजे के बीच चंडीगढ़ की तरफ स्टेशन पर ऑटो चालकों ने नियम तोड़ा तो पंचकूला के ट्रैफिक पुलिसकर्मी संदीप ने चालान काटने के बजाय उनके ऑटो के शीशे तोड़ने शुरू कर दिए। 45 मिनट के अंदर पांच ऑटो के शीशे तोड़ दिए।
जब ऑटो चालकों ने इसका विरोध किया तो ट्रैफिक पुलिस ने उनकी पिटाई शुरू कर दी। पीड़ित चालकों का आरोप है कि अगर उन्होंने नियम तोड़ा था तो ऑटो के शीशे तोड़ने के बजाय उनका चालान होना चाहिए था न कि नुकसान। पुलिस को हाथ उठाने का अधिकार नहीं है।
जीआरपी थाने में चालकों ने किया प्रदर्शन
ऑटो के शीशे तोड़े जाने के बाद ट्रैफिक पुलिसकर्मी के खिलाफ पीड़ित चालकों ने जीआरपी थाने में जमकर नारेबाजी की। पीड़ितों का कहना था कि पुलिस लोगों की सुरक्षा के लिए होती है, नुकसान करने के लिए नहीं। चालकों ने बताया कि ऑटो के मेन शीशे की कीमत मार्केट में दो से चार हजार के बीच है। चालकों ने ट्रैफिक पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
कोट
ट्रैफिक पुलिस की रिपोर्ट तैयार कर पंचकूला ट्रैफिक एसपी को भेजी जाएगी। वहां से जो आदेश होगा, उसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
- उर्मिला, एसएचओ, जीआरपी
बिना वजह ट्रैफिक पुलिसकर्मी संदीप ने ऑटो का मेन शीशा तोड़ दिया। वजह पूछने पर धमकाने लगे। अगर हमने नियम तोड़ा था तो चालान करना चाहिए था। मेरा नुकसान क्यों किया।
- सोनू, ऑटो चालक।
मेरे ऑटो के इंडीकेटर का शीशा ट्रैफिककर्मी ने तोड़ दिया। जीआरपी थाने में ट्रैफिक पुलिस के खिलाफ कोई शिकायत लेने को भी तैयार नहीं है।
- चितरंजन कुमार, ऑटो चालक।
ट्रैफिक पुलिस संदीप ने ऑटो का शीशा तोड़ने के बाद मेरी पिटाई भी की। पुलिसकर्मी की शिकायत देने जीआरपी थाने पहुंचे तो वहां बताया गया कि पंचकूला के डीसीपी को शिकायत दो।
-धर्मेंद्र, ऑटो चालक।
अगर हमने कोई गलती की थी तो ऑटो का चालान होना चाहिए था। यहां पुलिसकर्मी ने ऑटो पर डंडे बरसाने शुरू किए।
-हरगोविंद, ऑटो चालक।