शिमला के ध्यानार्थ.......
डॉक्टर बनने का जुनून, गले में
स्टेथोस्कोप डालकर घूमने लगा
पीजीआई में स्टेथोस्कोप, बीपी मशीन के साथ पकड़ा गया था हिमाचल का सुमित कुमार
पूछताछ में आरोपी ने डॉक्टर बनने के जुनून के चलते पीजीआई में घूमने की कही बात
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पीजीआई में बीते शनिवार की शाम गले में स्टेथोस्कोप और हाथ में बीपी की मशीन लिए डॉक्टर बनकर घूम रहा सुमित कुमार (24) यह सब महज शौक के लिए कर रहा था। पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि वह नीट की तैयारी कर रहा है। उसका सपना डॉक्टर बनने का है। डॉक्टर बनने का जुनून ऐसा कि वह मेडिकल उपकरणों लेकर पीजीआई में घूमने लगा। 12वीं पास सुमित करीब एक साल से कजहेड़ी में पीजी में रहकर नीट की तैयारी कर रहा है। पुलिस ने आरोपी के पारिवारिक सदस्यों से रविवार को पूछताछ की, लेकिन ऐसी कोई बात सामने नहीं आई, जिससे पता लग पाता कि उसका मकसद किसी घोटाले, वारदात या फिर गलत मंशा रही हो।
आरोपी सुमित कुमार मूलरूप से हिमाचल प्रदेश के कसुम्पटी की जीवन कॉलोनी में परीमहल के समीप गुडविल निवास का रहने वाला है। शनिवार की शाम न्यू ओपीडी के तीसरे तल की मेडिकल ओपीडी से आरोपी को सिक्योरिटी गार्ड ने काबू किया। आरोपी के फर्जी तरीके से मेडिकल उपकरणों सहित घूमने की सूचना पर डॉक्टरों ने उसे काबू कर पुलिस के हवाले कर दिया था। तलाशी में आरोपी के कब्जे से स्टेथोस्कोप, बीपी मशीन और सुमित नाम की फर्जी स्टांप बरामद हुई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ खरड़ निवासी एवं ओपीडी के सिक्योरिटी गार्ड स्वर्ण सिंह की शिकायत पर जमानती धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस पूछताछ के बाद आरोपी को जमानत पर छोड़ दिया गया।