अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। हरियाणा विधानसभा में क्लर्क भर्ती के नाम पर 12 लाख की धोखाधड़ी करने के मामले में एक एएसआई, दो कांस्टेबल समेत छह लोगों के खिलाफ चंडीमंदिर पुलिस ने बीते 29 मार्च को केस दर्ज कर लिया था। लेकिन अब तक भी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। मामले को लेकर डीसीपी ऑफिस की ओर से जांच के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद ही केस दर्ज किया गया था।
चंडीमंदिर पुलिस को दी शिकायत में बताया कि मूलरूप से जींद निवासी जोगिंद्र सिंह ने आरोप लगाया था कि आरोपी जसबीर सिंह, हरियाणा पुलिस में हेड कांस्टेबल जसविंद्र गुज्जर, उसका भाई हेड कांस्टेबल सुरेंद्र सिंह, एएसआई चंद्र सिंह, राजपाल प्रेमी कैथल निवासी और एक अन्य व्यक्ति आनंद कुमार को 5 मई, 2016 को 12 लाख रुपये कैश दिए थे। आरोपियों ने 12 लाख रुपये की रकम हरियाणा विधानसभा में जोगिंद्र सिंह के दोनों बेटों को क्लर्क के पद पर भर्ती कराने के नाम पर ली थी। शिकायत में बताया कि 5 मई 2016 को हेड कांस्टेबल जसबीर सिंह गुर्जर को पंचकूला मोरनी टी प्वाइंट पर यह पैसे दिए थे। इसके बदले आरोपी ने भरोसा दिलाने के लिए जोगिंद्र सिंह को चेक भी दिए थे। काम नहीं होने के बाद पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने पैसे वापस नहीं दिए। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि एग्जाम देने के बाद भी उनकी नियुक्ति नहीं हो पाई। उन्होंने डीसीपी से गुहार लगाते हुए कहा कि मेरे पैसे वापस दिलवाए जाएं। कई बार मांग करने के बाद भी आरोपियों ने पैसे नहीं दिए तो एक अगस्त 2018 को जोगिंद्र सिंह ने डीसीपी को शिकायत दी।
जोगिंद्र सिंह ने ब्याज पर लिए थे रुपये
जींद निवासी जोगिंद्र सिंह ने ब्याज पर पैसे लिए थे। इसके बाद वह पैसे अभी तक उन्हें नहीं मिले। उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने खानापूर्ति के लिए केस दर्ज कर लिया है। अभी तक कोई कार्रवाई आरोपियों पर नहीं की गई है। इस तरह के हालात में उनका कर्ज बढ़ता जा रहा है।
पुलिस की ओर से केस दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस की ओर से कई जगह दबिश दी गई है। हालांकि अभी तक सफलता हाथ नहीं लगी है। - नवीन कुमार, थाना प्रभारी, चंडीमंदिर पुलिस।