आरोपी तीन बैंकों से कर चुका है 50 लाख की ठगी
- फर्जी आधार कार्ड बनवाकर करवाया प्लांट ट्रांसफर और खरीदी थी दो गाड़ियां
- पुलिस ने स्कार्पियों बरामद की, क्रेटा कार की बरामदगी को जांच शुरू
- भिवानी निवासी आरोपी आत्महत्या का कर चुका है प्रयास
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। पुलिस हिरासत में आत्महत्या का प्रयास करने वाले आरोपी दीपक शर्मा ने पूछताछ में कई खुलासे किए हैं। फर्जी आधार कार्ड बनवाकर दीपक शर्मा ने प्लाट ट्रांसफर करवाया है और इसी आधार कार्ड के जरिये उसने दो गाड़ियां भी खरीदी है। आरोपी ने इस बाबत अपने आधार कार्ड में अपना नाम पता बदलकर धोखाधड़ी की। इस मामलेेेे की जांच पुलिस की ओर से की जा रही है। पुलिस अभी अन्य मामलों की पूछताछ कर रही है।
सेक्टर-7 चौकी इंचार्ज सब इंस्पेक्टर मोहन लाल ने बताया कि पंचकूला सेक्टर-8 स्थित आंध्रा बैंक के कर्मचारियों के साथ मिलीभगत कर फर्जी आधार कार्ड बनवाकर 25 लाख रुपये का लोन लिया है। लोन लेने के बाद उसने खरड़ के खूनीमाजरा में प्लॉट लिया है। उसने यह प्लाट अपने नाम पर चेंज कर लिया है। पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि उसने इस प्लाट की फर्जी रजिस्ट्री करवाई है। गौरतलब है कि एक दिन पूर्व ही आरोपी से 50 से अधिक फर्जी आधार कार्ड बरामद कर चुकी है।
दो बैंकों से लोन लेकर खरीदी थी स्कार्पियो और क्रेटा
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने दो कारें खरीदी थी। इसमें स्कार्पियो कार को पंजाब से पुलिस ने बरामद कर लिया है। जो उसने महिंद्रा एंड महिंद्रा बैंक से लोन 10 लाख रुपये का लोन लेकर खरीदी थी। इसके लिए आरोपी ने स्कार्पियो गाड़ी को खरीदने के लिए आधार कार्ड में खुद को दीपक नाथ बताया था। वहीं दीपक दत्त के नाम से आधार कार्ड और डाक्यूमेंट बनाकर उसने क्रेटा गाड़ी खरीदी, इसके लिए विजया बैंक से 25 लाख का लोन लिया था। पुलिस सभी बैंक कर्मचारियों से भी मामले में पूछताछ करेगी। पुलिस की ओर से अन्य धोखाधड़ी कर ठगी के मामले सामने आए हैं।
आत्महत्या के प्रयास का पुलिस ने दर्ज किया केस
पुलिस हिरासत में रहे भिवानी निवासी दीपक शर्मा ने हिरासत के दौरान हाथ की नस काटकर आत्महत्या का प्रयास किया था। पुलिस ने उस पर आत्महत्या की धारा के तहत मुकदमा दर्ज किया है। वहीं पुलिस ने उसका इलाज सेक्टर-6 जनरल अस्पताल में कराया है।
मामले की जांच पुलिस की ओर से की जा रही है। इसमें अभी क्रेटा कार बरामद की जानी है। वहीं घटना के अन्य खुलासे भी आरोपी से पूछताछ में हो सकते हैं।
मोहनलाल, चौकी इंचार्ज, सेक्टर-7