10वीं का जाली प्रमाणपत्र बनवाकर हासिल की सरपंची, पोल खुलने पर किया पद मुक्त
- जालसाजी की पोल खुलने पर पंचकूला उपायुक्त ने गांव ढालुवाल के सरपंच को किया पदमुक्त
- गांव के ही एक व्यक्ति ने सीएम विंडो एवं उपायुक्त पुलिस पंचकूला की दी थी शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
पिंजौर। विगत पंचायती चुनावों में प्रत्याशियों की दसवीं कक्षा की अनिवार्यता को पूरी करने के लिए प्रत्याशी ने दसवीं कक्षा का जाली सर्टिफिकेट देकर पंचायती चुनाव लड़ कर जीत दर्ज कर पिंजौर के गांव ढालुवाल की सरपंची का पद हासिल कर लिया। जब गांव के ही एक व्यक्ति की शिकायत पर जब उसकी जालसाजी की पोल खुली तो उपायुक्त पंचकूला सरपंच जगपाल को पद मुक्त कर दिया।
गांव के एक व्यक्ति शशिपाल ने सीएम विंडो एवं उपायुक्त पुलिस पंचकूला की दी गई थी। सीएम विंडों पर दी शिकायत की जांच करते हुए पता चला कि दसवीं का जो सर्टिफिकेट देकर जगपाल ने पंचायत का चुनाव लड़ा है वह सर्टिफिकेट फर्जी है। इस संबंध में जांच के दौरान सरपंच जगपाल गांव ढालुवाल पिंजौर कोई भी ऐसा साक्ष्य पेश नहीं कर पाया जिससे यह सिद्ध हो सकें कि उसके द्वारा दिया गया सर्टिफिकेट जाली नहीं है। चुनाव में जाली शिक्षा सर्टिफिकेट संलग्न करने के कारण उपायुक्त ने गांव ढालुवाल का सरपंच जगपाल सिंह को तुरंत प्रभाव हटाने के आदेश दिए। फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर चुनाव लड़कर सरपंच बनने की शिकायत पर पुलिस सरपंच जगपाल के खिलाफ विगत साल 2017 में धोखाधड़ी व अन्य धाराओं के तहत मामला पहले ही दर्ज कर चुकी है। यह मामला अभी भी कोर्ट में विचाराधीन है।