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मोगा पार्सल बम धमाका -पुलिस हाथ लगे अहम सुराग -शकी आरोपीकी पहचान

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मोगा पार्सल बम धमाके में पुलिस को मिले सुराग
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सीसीटीवी फुटेज से संदिग्ध आरोपी की पहचान का दावा
रिशतेदार ने व्यापारी को निशाना बनाने के लिए भेजा पार्सल
अमर उजाला ब्यूरो
मोगा। चेंबर रोड पर कोरियर दुकान में हुए पार्सल बम धमाके में पुलिस ने हाथ अहम सुराग लगने का दावा किया है। साथ ही कोरियर करने वाले संदिग्ध आरोपी की पहचान भी करने की बाद पुलिस कह रही है। संदिग्ध आरोपी बाहरी राज्य का रहने वाला है और व्यापारी का रिश्तेदार बताया जा रहा है। एसएसपी गुरप्रीत सिंह तूर का कहना है कि अलग-अलग एजेंसियां पार्सल बम की जांच कर रही हैं। पुलिस भी कई पहलुओं से छानबीन में जुटी है। अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।
पुलिस ने संदिग्ध आरोपी तक पहुंचने के लिए कोरियर करने बाद उसके बस अड्डे तक बाजार में लगे सीसीटीवी कैमरे फुटेज हासिल किए। स्थानीय पुलिस की प्राथमिक तफतीश में सामने आया कि संगरूर में स्पेयर पार्ट्स का कारोबार करने वाले भूपेश राजेआना, निवासी पटियाला गेट संगरूर को निशाना बनाने के लिए यह साजिश रची गई थी, क्योंकि वह हत्या केस में मौके का (चश्मदीद) गवाह है। इस व्यापारी की सास का तकरीबन सवा दो साल पहले देहरादून में लूट पाट की वारदात में कत्ल कर दिया गया था। इस कत्ल केस की पैरवी भी संगरूर का स्पेयर पार्ट्स व्यापारी ही कर रहा है।
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पुलिस सूत्रों के मुताबिक मृतक महिला की करोड़ों रुपये की देहरादून में जायदाद को लेकर भी रिश्तेदारों में अंदरूनी रंजिश चली आ रही है। यहां से एक एनजीओ के नेतृत्व में पुलिस टीम तीन दिन से देहरादून में पहुंची है। पुलिस सूत्रों मुताबिक मारने के लिए उसके किसी रिश्तेदार कने यह योजना बनाई गई थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक जिस संदिग्द व्यक्ति की पहचान हुई है, वह संगरूर के स्पेयर पार्ट्स व्यापारी भूपेश राजेआना का नजदीकी रिश्तेदार बताया जा रहा है।
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इस संदिग्ध आरोपी ने 26 सितंबर को मोगा की चेंबर रोड में सूद कोरियर सर्विस से भूपेश राजेआना, निवासी पटियाला गेट संगरूर को गत्ते के पैक डिब्बे में कोरियर यह कह कर पार्सल बुक करवाया था कि इसमें टी-शर्ट हैं। कोरियर भेजने वाले का पता बूटा किरयाना स्टोर शाहकोट रोड मलसियां लिखा था। पुलिस जांच में यह पता भी गलत है। पार्सल बम की पीएपी जालंधर की बम निरोधक (बीडीडीएस) के अलावा मोहाली एफएसएल के फोरेंसिक माहिरों और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) एजेंसियां भी जांच कर रही हैं।
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