अध्यापकों के खिलाफ ग्रामीणों का धरना जारी
दूसरे दिन पुलिस की सख्ती दिखाने पर भड़के ग्रामीण
प्रिंसिपल, अध्यापिका और उसके पति पर केस दर्ज करने की मांग
अध्यापिका की फोटो फेसबुक प्रोफाइल में लगाने पर उठा था विवाद
अमर उजाला ब्यूरो
अबोहर। सरकारी सी. से. स्कूल मलूकपुरा में अध्यापिका की फोटो फेसबुक की डीपी में लगाने को लेकर पैदा हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। घटना के दूसरे दिन मंगलवार को भी ग्रामीणों का धरना जारी रहा। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी धरनाकारियों को मनाने में जुटे रहे। एक बार पुलिस प्रशासन ने सख्ती से उन्हें उठाने का प्रयास किया जिस पर ग्रामीण भड़क गए। प्रशासन ने उन्हें मुश्किल से शांत करवाया। धरने के कारण स्कूल दूसरे दिन भी बंद रहा और धरनाकारियों ने स्कूल प्रिंसिपल, अध्यापिका और उसके पति के पुतले बनाकर रोष प्रदर्शन किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पंजाब पुलिस के अलावा बड़ी संख्या में कमांडो फोर्स तैनात की गई थी, लेकिन बाद दोपहर तक इस मसले का कोई हल नहीं निकल पाया।
जानकारी के अनुसार छात्रा के परिजन और ग्रामीण पूरी रात स्कूल के बाहर धरना लगाकर बैठे रहे। मंगलवार को भयंकर गर्मी के बीच प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ रोष जताकर कहा कि चार दिन बीत जाने पर भी पुलिस ने छात्रा से मारपीट करने वाली अध्यापिका और उसके पति पर मामला दर्ज नहीं किया है। ग्रामीणों ने स्कूल प्रिंसिपल और अध्यापिका का पुतला बनाकर पूरे गांव में रोष मार्च निकाला और पुलिस से इनके खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की।
एसपी (डी) मुख्तयार सिंह, एसडीएम पूनम सिंह, डीएसपी राहुल भारद्वाज, थाना प्रभारी चंद्रशेखर, बचन सिंह व गुरविंदर सिंह, तहसीलदार जैत कंवर, नायब तहसीलदार बलजिंदर सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी कुलवंत सिंह, प्रिंसिपल बिंदू अरोड़ा और कमेटी सदस्य गुरशिंदर सिंह सहित बड़ी संख्या में पुलिस और कमांडो के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को समझाते हुए स्कूल के बाहर से धरना उठाने और स्कूल खुलवाने का प्रयास किया लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांग पर अडिग रहे। इस दौरान पुलिस ने सख्ती बरतनी चाही तो ग्रामीण भड़क उठे। इसके बाद ग्रामीणों के एक शिष्टमंडल ने पुलिस अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपा जिसमें अध्यापिका और उसके पति पर मामला दर्ज करने, अध्यापिका व स्कूल प्रिंसिपल को सस्पेंड करने और जिला उपायुक्त द्वारा गठित कमेटी में दो ग्रामीणों को शामिल करने की मांग की। एसडीएम ने इन मांगों को जिला उपायुक्त तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों का कहना था कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, वे धरना समाप्त नहीं करेंगे।
बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान आरएस फोर के नेतृत्व में वकीलों ने एक बैठक कर निर्णय लिया कि अगर पुलिस ने राजनीतिक दबाव में आकर बार एसोसिएशन के सेक्रेटरी प्रकाश सिंह बराड़ के खिलाफ मामला दर्ज किया तो बार एसोसिएशन संघर्ष करने को मजबूर होगी। समाचार लिखे जाने तक धरना जारी था।
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