जगतार हवारा खिलाफ निहाल सिंह वाला अदालत में सुनवाई शुरू
12 वर्ष पहले कांस्टेबल पर जानलेवा केस में था नामजद
पंजाब की जेल में तबदील करने के लिए हवारा की अर्जी बाद पुलिस ने दबी फाइल खोली
दविंदर पाल सिंह
मोगा। सरबत खालसा की ओर से दो वर्ष पहले स्थापित श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार एवं नई दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद कट्टर गर्मख्याली जगतार सिंह हवारा खिलाफ निहाल सिंह वाला अदालत में सुनवाई शुरू हो गई है।
थाना बधनी कलां अधीन गांव लोपो में 16 फरवरी 2005 को पुलिस चौकी लोपो के मुंशी जसवीर सिंह को उस वक्त गोली मारी गई थी जब पंजाब में अमृतसर से अगवा विद्यार्थी परबीर की खोज के लिए पंजाब में हाई रेड एलर्ट था। पुलिस चौकी लोपो में तैनात कांस्टेबल जसवीर सिंह ने ऑल्टो कार में घूमते शकी व्यक्तियों को रोकने की कोशिश की तो उस पर गोली चला कर गंभीर घायल कर दिया गया था। इस केस में 19 जनवरी 2010 को स्थानीय एडिशनल जिला एवं सेशन जज अदालत ने सबूतों के अभाव में हवारा के साथियों को बरी कर दिया है और आरोपी हवारा की इस केस में अब तक उसकी गिरफ्तारी नहीं दिखाई गई। जगतार सिंह हवारा की ओर से तेहाड़ जेल से पंजाब की किसी जेल में तबदील करने के लिए दायर अर्जी बाद पंजाब पुलिस प्रमुख ने उस खिलाफ दर्ज मामलों की जांच पड़ताल की हिदायतें दीं तो यह दब्बी पड़ी फाइल खोल दी गई। हाईकोर्ट में हवारा ने वकील जरिये दायर अर्जी में कहा कि तिहाड़ जेल रिकॉर्ड मुताबिक पंजाब एवं हरियाणा में अलग स्थानों पर उसके खिलाफ 36 आपराधिक केस दर्ज हैं, लेकिन उसे प्रोडक्शन वारंट पर किसी भी अदालत में पेश नहीं किया जाता। अर्जी में यह भी बताया गया है कि वास्तव में उसके खिलाफ तकरीबन 6 केस हैं, लेकिन पंजाब एवं दिल्ली सरकार के कम्युनिकेशन गैप के कारण उसके खिलाफ 36 केस दिखाए जा रहे हैं। इस केस में हवारा के वकील जसपाल सिंह ने बताया कि थाना बधनी कलां पुलिस ने हवारा की जेल में ही गिरफ्तारी दिखा दी थी और अब उस खिलाफ पुलिस की ओर से 17 नवंबर को आरोप पत्र दायर किया जाना है।
फाइल फोटो कैप्शन - जगतार सिंह हवारा की फाइल फ़ोटो