सूरजपुर और नानकपुर पर प्रशासन की विशेष नजर, बारिश के बाद बढ़ा मच्छरों के पनपने का खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। मानसून की बारिश के बाद पंचकूला जिले में डेंगू और मलेरिया के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने एंटी-लारवा अभियान तेज कर दिया है। जिले में कुल 80 ब्रीडर कैचर तैनात किए जाएंगे, जबकि पंचकूला शहर में 9 सदस्यीय टीमें घर-घर जाकर मच्छरों के लारवा की जांच कर रही हैं। प्रशासन ने सूरजपुर और नानकपुर क्षेत्र को संवेदनशील मानते हुए विशेष निगरानी के निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार हाल की बारिश के बाद नानकपुर, कालका और बरवाला क्षेत्र में मच्छरों का लारवा मिलने की आशंका बढ़ गई है। इसे देखते हुए पंचकूला, कालका और रायपुररानी में एंटी-लारवा गतिविधियों को तेज किया गया है। कालका क्षेत्र में 50 से अधिक ब्रीडर कैचर तैनात किए जाएंगे, जबकि शेष टीमें पंचकूला और रायपुररानी में लगाई जाएंगी।
सूरजपुर और नानकपुर पर विशेष निगरानी
उपायुक्त सतपाल शर्मा ने हाल ही में आयोजित समीक्षा बैठक में सूरजपुर और नानकपुर क्षेत्रों में लारवा मिलने की संभावना पर चिंता जताई थी। उन्होंने अधिकारियों को इन क्षेत्रों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कबाड़ और रुके हुए पानी के कारण इन इलाकों में डेंगू और मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों के पनपने का खतरा अधिक है। अधिकारियों के मुताबिक नानकपुर स्थित एक बंद फैक्ट्री परिसर में कई स्थानों पर पानी जमा होने की सूचना है। वहां लारवा मिलने की आशंका को देखते हुए जांच के निर्देश दिए गए हैं।
पानी स्टोर करने से बढ़ रही परेशानी
सोमवार को कालका, पिंजौर और आसपास के क्षेत्रों में हुई बारिश के बाद स्वास्थ्य विभाग ने पंचायतों और औद्योगिक इकाइयों के साथ बैठक कर सफाई व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया। विभाग का कहना है कि पानी की कमी वाले क्षेत्रों में लोग घरों में कंटेनरों में पानी जमा कर रहे हैं, जिनमें लारवा मिलने के मामले सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मई के अंत तक जिले में 350 घरों को लारवा मिलने पर नोटिस जारी किए जा चुके हैं। लोगों को नियमित रूप से पानी की टंकियों, कूलरों और अन्य बर्तनों की सफाई करने की सलाह दी गई है।
फॉगिंग अभियान भी होगा तेज
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि मानसून से पहले ही नगर निगम को संवेदनशील क्षेत्रों में फॉगिंग का शेड्यूल भेजा जा चुका है। अब बारिश के बाद फॉगिंग अभियान को और तेज किया जाएगा। लोगों से अपील की गई है कि कूलर, टायर, गमले और अन्य स्थानों पर पानी जमा न होने दें तथा सप्ताह में कम से कम एक बार पानी अवश्य बदलें।
कोट
पंचकूला में मानसून की बरसात को देखते हुए 80 ब्रीडर कैचर तैनात किए जाएंगे। पंचकूला में ब्रीडर कैचर रखने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। घर-घर जाकर मच्छरों के लारवा की जांच की जाएगी।
-डा. मुक्ता कुमार, सीएमओ, पंचकूला