पंचकूला। सीबीआई की विशेष अदालत ने गैमन सीएमसी ज्वाइंट वेंचर के सीनियर जनरल मैनेजर (प्रोजेक्ट) सुनील मेहंदीरत्ता और एक अन्य आरोपी संचित सैनी को नियमित जमानत दे दी है। अदालत में दोनों आरोपियों के वकील की तरफ से दलील दी गई कि सीबीआई की छापे के दौरान दोनों के पास से पैसे की बरामदगी नहीं हुई है, इसलिए दोनों आरोपियों को जमानत दी जाए। सीबीआई ने बचाव पक्ष की दलील सुनने के बाद जमानत दे दी। दोनों आरोपियों को पांच लाख का मुचलका भरने पर जमानत दी गई है।
ये है मामला
यह मामला कुल्लू जिले में पार्वती हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट में 5.26 करोड़ रुपये के लंबित बिल जारी करने से जुड़ा है। सीबीआई ने 14 जुलाई 2021 को पार्वती जल विद्युत परियोजना चरण दो और एनएचपीसी में काम कर रही गैमन कंपनी के ठिकानों पर दबिश दी थी। सीबीआई की दबिश से एनएचपीसी के साथ गैमन कंपनी में कुल्लू से लेकर इनके मुख्यालय तक हड़कंप मच गया था। पार्वती प्रोजेक्ट-2 में हुए निर्माण कार्यों के बिल पास करने के एवज में एनएचपीसी फरीदाबाद हरियाणा के सीजीएम वित्त हरजीत पुरी को पांच लाख की रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद सीबीआई ने कुल्लू के भुंतर में दबिश दी थी।
सीबीआई का आरोप है कि सुनील मेहंदीरत्ता मामले में नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पॉवर कॉरपोरेशन (एनएचपीसी) के सीजीएम (फाइनेंस) हरजीत सिंह पुरी और गैमन सीएमसी ज्वाइंट वेंचर के सीनियर जनरल मैनेजर (प्रोजेक्ट) सुनील मेहंदीरत्ता और एक अन्य आरोपी संचित सैनी को 14 जुलाई 2021 को गिरफ्तार किया था। सुनील मेहंदीरत्ता ने 5.26 करोड़ रुपये के लंबित बिलों का भुगतान जल्द करने की अपील की। इस कार्य के लिए सीजीएम हरजीत पुरी ने पांच लाख रुपयों की मांग की गई। सूचना मिलने पर सीबीआई ने फरीदाबाद में एक ठिकाने पर छापा मारा और संचित के साथ हरजीत पुरी को गिरफ्तार किया। संचित सीजीएम पुरी को रिश्वत की रकम देने पहुंचा था। इसके बाद मेहंदीरत्ता को भी गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में सीबीआई ने हरियाणा में फरीदाबाद, हिमाचल प्रदेश में कुल्लू और दिल्ली में छापे की कार्रवाई की। इस दौरान संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन से शुरू दस्तावेज जब्त किए थे।