मानेसर लैंड स्कैम मामले में शुक्रवार को सीबीआई की विशेष अदालत में सुनवाई हुई। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा कोर्ट में पेश नहीं हुए। वह जरूरी कार्य के चलते हाजिरी माफी पर रहे। केस जुड़े अन्य सभी आरोपी सीबीआई कोर्ट में पेश हुए। इस मामले में आरोपियों पर लगे चार्ज पर बहस हुई।
मामले की अगली सुनवाई 17 दिसंबर को होगी। अगली सुनवाई में भी चार्ज पर बहस रहेगी जारी। मामले में इससे पहले आरोपी भूपेंद्र सिंह हुड्डा समेत 34 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की गई थी। चार्जशीट में आरोपी हुड्डा के अलावा एमएल तायल, छतर सिंह, एसएस ढिल्लो, पूर्व डीटीपी जसवंत सहित कई बिल्डरों के नाम शामिल हैं।
मानेसर जमीन घोटाले के संबंध में सीबीआई ने आरोपी हुड्डा समेत 34 आरोपियों के खिलाफ 17 सितंबर, 2015 को केस दर्ज किया था। प्रवर्तन निदेशालय, ईडी ने भी आरोपी हुड्डा के खिलाफ सितंबर 2016 में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था।
आरोप हैं कि अगस्त 2014 में गुड़गांव जिले में मानसेर, नौरंगपुर और लखनौला गांवों के किसानों और भू-मालिकों को जमीन अधिग्रहण का भय दिखाकर उनकी करीब 400 एकड़ जमीन औने-पौने दाम पर खरीद गई थी। आरोप हैं कि कांग्रेस की तत्कालीन हुड्डा सरकार के कार्यकाल में करीब नौ सौ एकड़ जमीन का अधिग्रहीत कर उसे बिल्डरों को कम दाम पर बेचा गया था।