पंचकूला। अदालत ने 2019 के छेड़छाड़, मारपीट और स्टॉकिंग के मामले में आरोपी हमीद खान उर्फ मीदा को सभी आरोपों से बरी कर दिया। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फ़र्स्ट क्लास ज्योति संधु ने 2 दिसंबर 2025 को सुनाए गए फैसले में कहा कि पुलिस आरोपी के खिलाफ मजबूत सबूत पेश करने में विफल रही।
सुनवाई के दौरान सात गवाह पेश किए गए, लेकिन शिकायतकर्ता और उनके पति क्रॉस-एग्जामिनेशन के लिए उपस्थित नहीं हुए। आई विटनेस ने भी घटना से इनकार किया और बताया कि वह घटना के समय घर पर थे। अदालत ने कहा कि जांच अधिकारी (आईओ) ने मोबाइल फोन के टावर लोकेशन नहीं निकाले, जो घटना स्थल पर मौजूदगी साबित करने के लिए अहम सबूत होते। कोर्ट ने यह भी नोट किया कि पुलिस ने बिना पूरी सत्यता जांचे ही एफआईआर दर्ज कर ली और घटना के समय मौजूद 6 वर्षीय बेटी को गवाह के रूप में शामिल नहीं किया।
शिकायतकर्ता ने 2019 में महिला पुलिस थाना में बताया था कि हमीद खान पिछले दो साल से उन्हें परेशान कर रहा था। 27 जुलाई 2019 को शाम करीब 8:30 बजे बारवाला से घर लौट रही शिकायतकर्ता, उनकी बेटी और एक जानकार के साथ एक्टिवा पर थे, तभी आरोपी ने उनका पीछा किया और मारपीट की।