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कोरोना : रेलवे स्टेशन पर नियमों का पालन न रेलगाड़ियों में, बिना मास्क तीसरी लहर को न्योता दे रहे मुसाफिर

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पंचकूला। कोरोना संक्रमण का प्रकोप ट्राइसिटी में तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन रेलवे स्टेशन पर यात्री से लेकर कर्मचारी तक लापरवाह हो गए हैं। यहां कोविड गाइडलाइन एक तरह से साइड लाइन हो चुकी है। वहीं ट्रेनों के अंदर सामाजिक दूर तो यात्री भूल ही चुके हैं, रही सही कसर अधिकतर बिना मास्क यात्री पूरी कर दे रहे हैं। यही स्थिति वेटिंग एरिया सहित प्लेटफार्म पर भी देखने को मिल रही है। ट्रेन से उतरने के साथ ही यात्रियों का मास्क भी उतर जा रहा है। ऑटो और टैक्सी चालक तो बिना मास्क के ही रेलवे स्टेशन पर आने वाले यात्रियों को घेरने के लगते हैं। रेलवे स्टेशन के बाहर से अंदर तक हर तरफ कोविड जैसा कोई नियम नहीं है। इसका खुलासा अमर उजाला के रियलिटी चेक में हुआ है।
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चंडीगड़-नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस
चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर चंडीगढ़-नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस जैसी ट्रेन में भी महज करीब 40-50 फीसदी यात्री ही मास्क में दिखे। रेलवे पर प्रवेश से लेकर निकास तक कोई पूछने वाला नहीं है कि यात्रियों का मास्क कहां है। यात्री तो मास्क पहना भूल भी चुके हैं। यहां बिना मास्क आने वाले यात्रियों का चालान काटा ही नहीं जा रहा है। नतीजा कोविड के मामले धीरे धीरे बढ़ने लगे हैं। हालांकि इस बाबत जीआरपी पुलिस का कहना है कि हमें अभी चालान काटने का कोई निर्देश नहीं दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से चालान बुक जारी होने के बाद चालान प्रक्रिया शुरू कर देंगे।
अमृतसर बांद्रा एक्सप्रेस में मास्क ही नहीं
अमृतसर बांद्रा एक्सप्रेस के जनरल कोच में तो यात्रियों के चेहरे पर मास्क ही नहीं था। स्लीपर का भी यही हाल था। एसी में कुछ यात्री मास्क पहने नजर आए, लेकिन पूरे ट्रेन के यात्रियों की बात करें तो इसमें 70 फीसदी यात्री बिना मास्क के दिखे। कुछ यात्रियों के पास मास्क था, लेकिन चेहरे के नीचे। कुल मिलाकर देखा जाए तो लोग यहां मास्क साथ लेकर चल रहे हैं, लेकिन उसका सही उपयोग नहीं हो रहा है। मास्क सिर्फ कपड़ों के मैचिंग ड्रेस की तरह लोग प्रयोग में ला रहे हैं।
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बस क्यू शेल्टर पर नियम ताक पर
रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए एक बस क्यू शेल्टर बनाया गया है। यहां कोविड नियम का कोई पालन नहीं हो रहा है। यात्री बिना मास्क बस में चढ़ते और उतरते हैं। इस तरह की लापरवाही की वजह से कोरोना फिर से बढ़ने लगा है। इसके लिए यात्री से लेकर कर्मचारी तक सभी जिम्मेदार हैं, कोविड के प्रति सभी को जागरूक होने की जरूरत है।
अभी हाल में तीन दिन पहले जीआरपी चंडीगढ़ का चार्ज संभाला है। कोविड को लेकर चालान काटने के लिए अभी कोई गाइड लाइन जारी नहीं किया गया है। अगर पंचकूला स्वास्थ्य विभाग की तरफ से चालान बुक मुहैया करवाया जाएगा तो चालान की प्रक्रिया दुबारा शुरू कर दी जाएगी। - विलायती सैनी, प्रभारी जीआरपी चंडीगढ़।
कोरोना के लगातार बढ़ते मामलों के मद्देनजर सभी विभागों को पत्र लिखा गया है। चालान बुक के लिए भी स्वास्थ्य विभाग के एडमिन को पत्र लिखा गया है। विभागीय स्तर पर जितना हो सकता है, कोविड के बढ़ रहे मामलों को रोकने के लिए तैयारी की जा रही है। - मुक्ता कुमार, सीएमओ पंचकूला।
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